मछुआ समाज को एकजुट करने में लगे कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद
रायपुर। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ की भागीदारी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। कांग्रेस हाईकमान ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच सीएम भूपेश बघेल को न सिर्फ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है, बल्कि उन्हें उन्हें उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस को जिताने की एक बड़ी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है। बघेल की टीम ने योगी सरकार को मात देने के लिए मैदान संभाल लिया है। आए दिन बघेल भी यूपी के जिलों का दौरे कर कांग्रेस की सरकार बनने के दावे करते हुए नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी वहां लगातार दौरा कर रहे हैं। पार्टी लगातार वंचित तबकों के लिए कुछ न कुछ करने की रणनीति बना रही है। कांग्रेस यूपी चुनाव के लिए हर वर्ग को शामिल करते हुए उन्हें उनका अधिकार दिलाने के वादे कर रही है।

गोरखपुर में कांग्रेस की प्रतिज्ञा रैली में गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी शिरकत की। उन्होंने बताया कि बाबा गोरखनाथ की धरती पर रैली में आई भीड़ से पता चलता है कि वहां लोग कांग्रेस की ओर आकर्षित हो रहे हैं। निषाद को यूपी में मछुआ समाज के लोगों को एकजुट कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का काम सौंपा गया है। वे वहां पर कई स्थानों का दौरा कर चुके हैं। निषाद समाज के साथ 500 किमी की वोट यात्रा भी नदी के किनारे शुरू की थी, जो मछुआ से बलिया तक गई थी, जिससे समाज काफी प्रभावित बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूपी के कई स्थानों का दौरा कर पार्टी को मजबूती देने का काम कर रहे हैं। यहां पर नदी से रेत निकालने का कार्य पहले निषाद समाज करता था, सरकार बदलने के साथ ही अब निषाद समाज से उनका पुश्तैनी काम छिन गया है। पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इसे शामिल कर समाज के लोगों को यह काम दिलाने का आश्वासन दिया है।

बघेल के सहारे कुर्मी वोटर्स पर कांग्रेस की नजर

छत्तीसगढ़ में चल रही सियासी उठापटक के दौरान ही बघेल ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं की यूपी चुनाव प्रबंधन और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक मदद लेने पर बात हुई थी। मुख्यमंत्री बघेल ने उत्तर प्रदेश चुनाव में जिम्मेदारी देने की पेशकश भी प्रियंका गांधी से की थी। धन-जन प्रबंधन के अलावा सीएम बघेल की जाति को भी उनके यूपी पर्यवेक्षक बनाए जाने से जोड़ कर देखा जा रहा है। बघेल ओबीसी कुर्मी समुदाय से आते हैं, जिसके वोटर पूर्वी यूपी में बड़ी संख्या में हैं। बघेल को पर्यवेक्षक बनाना कुर्मी मतदाताओं को आकर्षित करने की कांग्रेस की रणनीति हो सकती है।

छत्तीसगढ़ मॉडल को लेकर सक्रिय हुई बघेल की टीम

यूपी का पर्यवेक्षक नियुक्त होने से पहले से ही सीएम बघेल की टीम राज्य में सक्रिय है। कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री के करीबी और संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाकर उत्तर प्रदेश का जिम्मा दिया है। राजेश तिवारी और उनकी टीम उत्तर प्रदेश के सभी जिलों का दौर भी कर चुकी है। छतीसगढ़ मॉडल की तजऱ् पर ही यूपी में भी अब हर बूथ पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मास्टर ट्रेनर पूरे राज्य में ‘प्रशिक्षण से पराक्रम अभियान’ के तहत हर जिले और विधानसभा में प्रशिक्षण शिविर लगाकर प्रदेश के दो लाख कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने में जुटे हैं।

कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे

उत्तरप्रदेश चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद वहां पर सैकड़ों कार्यकर्ता वहां पर जुटे हैं। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर बूथ स्तर से पार्टी को मजबूत करने वहां के 300 कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया था। वहां पहुंचकर बूथ लेवल की समिति बनाकर स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है। वहां पर हर बूथ में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर बूथ स्तर ध्यान दिया जा रहा है। अब दीपावली के बाद वहां पर राज्य से और भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को भेजने की तैयारी है।

मुख्यमंत्री लगातार कर रहे दौरा

मुख्यमंत्री बघेल ने उत्तरप्रदेश चुनाव को लेकर चार बार दौरा किया है। लखनऊ से लखीमपुर खीरी के लिए वे दो बार गए। वहां पर उन्होंने किसानों और अन्य वर्ग के लोगों के संबंधित कार्य करने और उन्हें उनका हक दिलाने की बात कही है। छत्तीसगढ़ राज्य में उनके लिए किए विकास कार्यों को वहां पर भी लागू करने की बात हो रही है। वाराणसी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में हुई किसान रैली और गोरखपुर में प्रतिज्ञा रैली में हिस्सा लिया। रैली के दौरान उमड़ रही भीड़ से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने मिल रहा है। चुनाव को लेकर वे लगातार सक्रिय हैं।