दो पहिया, चार पहिया, व कृषि उपकरण की बढ़ी बिक्री
22 लाख किसानों के खातों में सीएम ने अंतरित की राशि
रायपुर। छत्तीसगढ़ में दीपावली से ठीक पहले राज्य सरकार द्वारा न्याय योजना के तहत किसानों के खाते में अंतरित की गई 15 सौ करोड़ की राशि का सीधा असर बाजारों में तेजी के रूप में देखने मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धनतेरस से ठीक एक दिन पहले प्रदेश के 22 लाख से अधिक किसानों के बैंक खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि अंतरित की। इस राशि के किसानों के हाथों बाजारों तक पहुंचने से धनतेरस के अवसर पर खरीदी को लेकर खासा उत्साह देखा गया। प्रदेश में दोपहिया, चार पहिया और कृषि से संबंधित वाहनों व उपकरणों की जमकर बिक्री हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्योत्सव के मौके पर सोमवार को किसानों के खाते में 1500 करोड़ रुपए राशि जारी की थी। यह राशि सोमवार से लेकर मंगलवार के बीच अधिकांश किसानों के खातों में आ गई। जिन किसानों के खातों में राशि नहीं भी आई, उन्होंने राशि मिलने की प्रत्याशा में खरीदारी कर ली। राज्य सरकार का मानना है कि बाजार में खरीद फरोख्त की गतिविधियां तभी तेज हो सकती हैं, जब प्रदेश में सबसे अधिक आबादी वाले किसान वर्ग के हाथों में धन होगा। इसी सोच के मद्देनजर सरकार ने किसानों को न्याय योजना की तीसरी किस्त देने के लिए यह समय चुना। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए राज्य में खेती-किसानी को प्रोत्साहन मिला है। बीते ढाई सालों में किसानों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 22 लाख और धान की खेती का रकबा 22 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 27 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है। खेती से विमुख हो चुके लोग भी फिर से खेती से जुडऩे लगे हैं। क्योंकि छत्तीसगढ़ में धान की सबसे अधिक कीमत मिल रही है। 

वाहनों की बिक्री बढ़ी

बाजार के जानकारों की मानें तो प्रदेश में पिछले दो दिनों में खरीदारी तेज हुई है। राज्य के शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों के बाजार में दो पहिया, चार पहिया और कृषि से संबंधित वाहनों की बिक्री बढ़ गई है। इसके अलावा दैनिक उपयोग में आने वाले इलेक्ट्रानिक एवं इलेक्ट्रिकल उपकरणों समेत एफएमएसी उत्पाद की बिक्री में तेजी आई है। ऐसी संभावना है कि आने वाले दो दिनों में बाजार में व्यावसायिक गतिविधियां और बढ़ेंगी। धनतेरस के बाद दिवाली के मौके पर भी किसान खरीदी के लिए बाजारों में निकलेंगे।

धान उत्पादक किसान फायदे में रहे

छत्तीसगढ़ में सभी प्रकार की खेती की बात की जाए, तो इसमें सबसे बड़ा हिस्सा धान उत्पादक किसानों का है। राज्य भर के सभी जिलों में किसान बड़े पैमाने पर धान की खेती कर रहे हैं। वजह ये है कि राज्य में 2018 में कांग्रेस नेतृत्व की सरकार बनने के बाद से किसानों को धान की कीमत 2500 रुपए प्रति क्विंटल देने की व्यवस्था है। धान की इतनी अधिक कीमत किसी राज्य में नहीं मिल रही है। राज्य सरकार ने अपने वादे के मुताबिक किसानों को 2500 रुपए कीमत देने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी के रूप में राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। 

पिछले साल दिए गए 5628 करोड़

राज्य में किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने, खरीफ फसलों की उत्पादकता एवं फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजीव गांधी किसान न्याय योजना वर्ष 2020 में लागू की गई, परन्तु भूतलक्षी प्रभाव से इसका लाभ खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को दिए जाने का प्रावधान किया गया और 5628 करोड़ रूपए किसानों को दिए गए।