रायपुर। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर कांग्रेस छत्तीसगढ़ में पंचायत राज प्रतिनिधियों का सम्मेलन कराने जा रही है। 19 नवम्बर को इसका आयोजन बूढा तालाब स्थित इनडोर स्टेडियम में होगा। कांग्रेस ने इसके लिए प्रदेश भर के पंचायत प्रतिनिधियों को आमंत्रण भेजा है। 2018 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े ऐसे ही सम्मेलनों के जरिए सत्ता में वापसी की चाभी पाई थी। भाजपा के बढ़ते हमलों के बीच कांग्रेस ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाई है। दोनों क्षेत्रों में कांग्रेस की पकड़ अभी मजबूत है। कांग्रेस इन क्षेत्रों में अभी से चुनावी तैयारी शुरू कर दी है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया, रायपुर के इनडोर स्टेडियम में यह सम्मेलन सुबह 11 बजे से होना है। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, प्रभारी सचिव डॉ. चंदन यादव और सप्तगिरि शंकर उल्का सहित सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इस सम्मेलन में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के चुने हुए जनप्रतिनिधि भाग लेने वाले हैं। शुक्ला ने बताया, इस सम्मेलन में नये छत्तीसगढ़ के निर्माण में पंचायतों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर मंथन किया जायेगा। इसके लिये कांग्रेस ने प्रदेश भर के पंचायत प्रतिनिधियों को निमंत्रणपत्र भेजा है। कांग्रेस इस सम्मेलन को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रही है। बताया जा रहा है, इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री पंचायतों के लिए कोई नई घोषणा भी कर सकते हैं।

से ही सम्मेलन से शुरू हुआ था प्रचार अभियान

छत्तीसगढ़ में पिछले विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान की औपचारिक शुरुआत पंचायती राज प्रतिनिधियों के सम्मेलन से ही हुई थी। 17 मई 2018 को राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे थे। उस दिन वे प्रदेश के तीन अलग-अलग हिस्सों में ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े तीन समूहों के सम्मेलन और सभा में शामिल हुआ। रायपुर के इनडोर स्टेडियम में पंचायती राज प्रतिनिधियों का सम्मेलन था। सीतापुर में किसानों की सभा थी और बिलासपुर के कोटमी में आदिवासी समाज का जंगल सत्याग्रह।

2018 के सम्मेलन में राहुल गांधी ने यह कहा था

17 मई 2018 को रायपुर के इनडोर स्टेडियम में हुए सम्मेलन में राहुल गांधी ने पंचायत प्रतिनिधियों से वादा किया था। उन्होंने कहा था, कांग्रेस की सरकार आएगी तो सबसे ज्यादा अधिकार पंचायतों को मिलेगा। पंचायती राज के लोगों से सलाह कर ही कोई भी फैसला लिया जाएगा। ऐसा नहीं हुआ तो हम मुख्यमंत्री बदल देंगे। धारा 40 जब पंचायती राज प्रतिनिधियों पर लग सकती है तो इसे विधायकों, सांसदों और प्रधानमंत्री पर भी लगाओ।