सुकमा। छत्तीसगढ़ के वनांचल के किसानों को अब सौर ऊर्जा चलित पंपो से सिंचाई सुविधा का फायदा मिल रहा है। सुकमा जिले के सुदूर अंचल के जहां विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही थी, इन पंपो की सुविधा से किसान फसल में सिंचाई के साथ-साथ साग-सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं। इस योजना से लाभ ले चुके सुकमा जिले के गोलापल्ली निवासी सुन्नम भीमा ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। इससे फसल को भी नुकसान पहुंचता था। खेत से 500 मीटर दूरी से बिजली का जुगाड़ करना पड़ता था। डीजल पंप के इस्तेमाल में काफी खर्च होता था। उन्होंने बताया कि 2019-20 में उसे सौर उर्जा चलित पंप दिया गया। इससे सिंचाई में उन्हें काफी सुविधा हो गई। अब वे अपनी ढाई एकड़ खेत में सब्जियों और कपास की फसल का उत्पादन करते हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ गई है।

सुकमा जिले के गोपी कश्यप ने बताया कि सौर सुजला योजना के माध्यम से सुकमा जिले में कृषि कार्य के लिए लगभग 3000 सोलर पंपो की स्थापना की जा चुकी है। साथ ही 100 पंपो लगाने का काम चल रहा है। आगामी वर्ष में जिला प्रशासन सुकमा द्वारा जिले के पुलिस थाना और बेस कैंप के पास के गांवों के 500 किसानों का अलग से चयन कर बोरवेल खनन और सौर पंप स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिससे उनके द्वारा उत्पादित साग-सब्जियों का प्रबंध और विक्रय आसपास के कैंप और गांवों में किया जाएगा।