रायपुर। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से शुरू हो रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के कांग्रेस और भाजपा सांसदों को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने इस पत्र के जरिए सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ के किसानों और उसना राइस मिल के मजदूरों का मुद्दा उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रदेश के सांसद पौने तीन करोड़ लोगों की आशा और आकांक्षाओं को पूरा करने में अपनी महती भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सांसदों को लिखा है कि संसद में उनकी सक्रिय और सशक्त उपस्थिति प्रदेश की जनता के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। अन्नदाता की खुशहाली के बिना देश की खुशहाली की कल्पना नहीं की जा सकती। ऐसे में किसान को हर हालत में उसके द्वारा उत्पादित फसलों का लाभदायक मूल्य दिया जाना चाहिए। इसके लिए हर संभव उपाय किए जाने चाहिए। इसके समाधान के लिए उन्होंने किसानों, सभी दलों के जनप्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों, कृषि विपणन विशेषज्ञों और कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा पर जोर दिया।
दोनों दलों के सांसदों को लिखी चिट्ठी
सीएम भूपेश बघेल ने ये चिट्ठी भाजपा के लोकसभा सांसद सुनील सोनी, विजय बघेल, संतोष पाण्डेय, रेणुका सिंह, मोहन मंडावी, गुहाराम अजगल्ले, गोमती साय, अरुण साव और चुन्नीलाल साहू को भेजी है। भाजपा के राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम और सरोज पाण्डेय को भी यह पत्र भेजा गया है। कांग्रेस से लोकसभा सांसद ज्योत्सना महंत, दीपक बैज और राज्य सभा सांसद केटीएस तुलसी, छाया वर्मा और फूलोदेवी नेताम को सीएम ने ये पत्र भेजा है।
सीएम को भाजपा सांसदों से उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम ने छत्तीसगढ़ से 61 लाख 65 हजार मीट्रिक टन अरवा चावल लेने का फैसला लिया है। पहले राज्य से ज्यादातर उसना चावल ही लिया जाता रहा है। प्रदेश में उसना के 418 पंजीकृत मिलर हैं। इनकी मासिक मिलिंग क्षमता 5 लाख 95 हजार मीट्रिक टन है। अगर FCI उसना चावल नहीं लेती तो धान की मिलिंग में देरी होगी। इससे धान के खराब होने की स्थिति बनेगी। वहीं उसना मिलों में काम करने वाले हजारों मजदूर बेरोजगार भी हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने ने सांसदों से उम्मीद की है कि वे सांसद में छत्तीसगढ़ से 24 लाख मीट्रिक टन उसना चावल लेने के लिए केंद्र पर दबाव बनाएंगे।
सांसदों को दी केन्द्रीय वित्त मंत्री को लिखे पत्र की कॉपी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी सांसदों को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र की प्रति भी दी है। इस पत्र में मुख्यमंत्री ने राज्य को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा राजस्व घाटा अनुदान के मापदंडों को वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर सुधार करने की मांग भी की गई थी। GST क्षतिपूर्ति अनुदान को जून 2022 के बाद भी आगामी 5 साल के लिए और जारी रखे जाने, कोल ब्लॉक आवंटन के निरस्तीकरण से छत्तीसगढ़ को देय 4 हजार 140 करोड़ रुपये की राशि की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने इस पत्र में धान से बायो एथेनॉल बनाने की अनुमति जल्द देने का अनुरोध भी किया था। साथ ही पेट्रोल एवं डीजल पर सेस घटाने की मांग रखी थी।
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