छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण छात्राओं की सुविधा को प्राथमिकता दी है। आधुनिक बालिका शौचालय निर्माण के लिए तिल्दा विकासखंड के 50 शासकीय विद्यालयों को बड़ी सौगात मिली है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 3.50 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि सरकार बेटियों के सम्मान, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर करना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्य बातें
- तिल्दा ब्लॉक के 50 विद्यालयों में निर्माण कार्य होगा।
- डीएमएफ मद से 3.50 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए।
- प्रत्येक इकाई पर 7 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- छात्राओं को बेहतर स्वच्छता और सुरक्षा मिलेगी।
- अधिकारियों को समय पर निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
चयनित विद्यालयों में तेजी से होगा निर्माण कार्य
प्रशासनिक स्वीकृति के अनुसार सभी चयनित ग्राम पंचायतों के शासकीय विद्यालयों में एक-एक आधुनिक बालिका शौचालय बनाया जाएगा। इस योजना में तिल्दा जनपद के 50 गांव शामिल हैं। इनमें छपोरा, कोहका, मोहरेंगा, खौना, कोटा, मानपुर, भिंभौरी, चांपा, सिनोधा, कुम्हारी, मूरा, असौंदा, घिवरा और कुंदरू सहित कई गांवों के विद्यालय शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि बेहतर आधारभूत सुविधाओं से छात्राओं की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ेगी। साथ ही पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण भी तैयार होगा।
आधुनिक बालिका शौचालय से शिक्षा और स्वच्छता को मिलेगा नया आधार
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि यह केवल निर्माण परियोजना नहीं है। यह बेटियों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। इसलिए निर्माण गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वच्छता को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इससे छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और शिक्षा से जुड़ाव मजबूत होगा।
क्षेत्र पर संभावित प्रभाव
- छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा मिलेगी।
- विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ने की संभावना है।
- ग्रामीण परिवारों का शिक्षा पर विश्वास मजबूत होगा।
- स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी।
- बालिका शिक्षा को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
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