नई दिल्ली: हम सभी को पता है कि एप्पल के प्रॉडक्ट्स बेहद महंगे होते हैं, लेकिन यदि कोई कंप्यूटर करोड़ों रुपयों में बिके तो किसी को भी हैरानी होगी। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस कंप्यूटर कीमत 4 लाख डॉलर (करीब 2.97 करोड़ रुपये) है। सबसे खास बात यह रही कि इस कंप्यूटर को इसी कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स और स्टीव वॉजनियक ने अपने हाथों से बनाया था। 45 साल पुराने इस कंप्यूटर को दोनों फाउंडर ने खुद डिजाइन किया और खुद ही इसकी टेस्टिंग भी की थी।

इस कंप्यूटर को शैफ कॉलेज एप्पल -1 कंप्यूटर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसके असली मालिक शैफी कॉलेज के प्रोफेसर थे। उन्होंने साल 1977 में एप्पल-II कंप्यूटर खरीदने के लिए ऐपल-1 को अपने एक स्टूडेंट को सेल कर दिया था।

इसकी दिलचस्प बात यह है कि उस वक्त स्टूडेंट ने इस कंप्यूटर के लिए प्रोफेसर को केवल 650 डॉलर (वर्तमान में करीब 48 हजार रुपये) ही दिए थे। ऐपल-1 इस वक्त दुनियाभर में मौजूद 60 यूनिट्स में से एक है। यह उन 20 ऐपल-1 कंप्यूटर्स में भी शामिल है, जो इस वक्त काम कर रहे हैं। ऐपल-1 केसेज वाले मदरबोर्ड के साथ आता था और इसके कीबोर्ड्स व मॉनिटर्स को अलग से सेल किया जाता था। कंप्यूटर हवाई के खास कोव वुड कैबिनेट के साथ भी आता था। ऐपल ने इस वुड केसिंग के साथ केवल 200 कंप्यूटर्स को तैयार किया था। जॉब्स और वॉजनिएक ज्यादातर ऐपल-1 कंप्यूटर्स को कंपोनेंट्स पार्ट्स के तौर पर सेल किया करते थे। एक कंप्यूटर शॉप ने इसके 50 यूनिट्स की डिलिवरी ली और उनमें से कुछ को वुड केसिंग में डिजाइन किया था, जिसे यूजर्स ने काफी पसंद किया था।

एपल-1 के विशेषज्ञ कोरी कोहेन के मुताबिक, पुराने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्प्यूटर टेक इकट्ठा करने वालों के लिए यह कम्प्यूटर एक पवित्र समाधि की तरह है, जो इसे कई लोगों के लिए और आकर्षक बनाता है। नीलामी घर जॉन मोरन ऑक्शनर्स का कहना है, कि यह कम्प्यूटर 1986 के पैनासोनिक वीडियो मॉनिटर के साथ आता है और इसके अब तक केवल दो मालिक हुए हैं।