पिछले साल किया गया था पुरस्कृत, अब कार्य पूराकरने पर जोर

रायपुर। मोर जमीन-मोर मकान के हितग्राहियों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, अन्य योजनाओं का समावेश कर उनके सफल क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा भी “बेस्ट कन्वर्जेंस विथ अदर मिशन” की श्रेणी में छत्तीसगढ़ राज्य को सव्रश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर केंद्र से सराहना मिली है। शहरी क्षेत्र के गरीबों के उन्नयन और उन्हें बेहतर सुविधा प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे है, जिसका परिणाम रहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को तीन श्रेणियों में भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है।

मोर मकान मोर योजना के कार्यों की नियमित रूप से ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की गई। जन जागरूकता हेतु स्वच्छ भारत मिशन के साथ संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया गया। राज्य शासन ने हितग्राहियों की सुविधाओं को प्रमुखता देते हुए आवास योजना अन्तर्गत 827 परियोजनाओं में अन्य योजनाओं का समावेश किया, जिसका सबसे बड़ा उदाहण “आशा चढ़ी परवान” है। योजना का सीधा लाभ कुष्ठ पीड़ितों और उनके परिवारों को मिला जो बीमारी की वजह से शहर से बाहर रह कर भिक्षावृत्ति कर पेट भरने को मजबूर थे। इनके इलाज के साथ, रोजगार की व्यवस्था और आत्मनिर्भर बनाने के साथ सम्मानपूर्वक जीवनयापन की दिशा में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सहित कल्याणकारी कदम उठाए गए हैं।

बेस्ट परफॉर्मिंग श्रेणी में डोंगरगढ़ आगे

नगर पालिका परिषद, डोंगरगढ़ को अधिक से अधिक आवास निर्माण पूर्ण करने पर देश में “बेस्ट परफॉर्मिंग म्युनिसिपल काउंसिल श्रेणी” में पुरस्कार प्राप्त हुआ है। बेस्ट हाउस कंस्ट्रक्शन श्रेणी में हितग्राहियों को मिला पुरस्कार इनमें प्रदेश के तीन हितग्राही मंजू साहू (धमतरी), मुमताज बेगम (धमतरी), ममता वर्मा (कवर्धा) के आवासों को देश के “बेस्ट हाउस कंस्ट्रक्शन श्रेणी” में पुरस्कार प्राप्त हुए।

75 हजार शहरी परिवारों को आवास

नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा लगभग सभी योजनाओं में गरीबों को प्राथमिकता दी गई है। भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि धारण का अधिकार प्रदान करने हेतु अधिनियम लाया गया है। 19 नवंबर 2018 के पूर्व काबिज कब्जा धारकों को भू-स्वामित्व अधिकार प्रदान की व्यवस्था की गई है। इसमें ऐसे व्यक्ति भी लाभान्वित होंगे जिन्हें पूर्व में पट्टा प्रदान किया गया था परंतु नवीनीकरण प्रावधानों के अभाव में वह भूमि का उपभोग नहीं कर पा रहे थे। इस निर्णय में राज्य के लगभग दो लाख से अधिक शहरी गरीब परिवार सीधे लाभान्वित होंगे तथा उन्हें ‘मोर जमीन मोर मकान’ योजना में 2.5 लाख तक वित्तीय सहायता प्रदान भी किया जा रहा है। मोर जमीन मोर मकान योजना से गरीबों को जोड़कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। प्रदेश में इस योजना से अभी तक 75 हजार हितग्राहियों का आवास पूर्ण हो गया है।

नवाचार की दिशा में उठाए गए कदम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व मेें आवास निर्माण हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरण, आबादी भूमि के हितग्राहियों को पात्र हितग्राही प्रमाण-पत्र का वितरण, कम समय अवधि में हितग्राहियों को किश्त प्राप्ति एवं आवश्यकता अनुरुप आसान किश्तों की व्यवस्था की गई है। सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासन ने स्पेशल प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिससे ये समुदाय अब विकास की मुख्य धारा से जुड़ कर प्रगति की राह पर आगे बढ़ चले हैं। इसके साथ ही निकायों के बीच स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा कराने एवं निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने हेतु राज्य स्तरीय मोर प्रदर्शन-मोर सम्मान प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया, जिसके परिणाम स्वरूप आवास निर्माण के कार्य अति शीघ्र पूर्ण हुए।