नक्सलवाद के खिलाफ भूपेश सरकार की नीतियों का असर अब दिखने लगा है। यही कारण है कि प्रदेश के सूदूर और पहुंचविहीन इलाकों में भी सरकार की योजनाएं पहुंचने लगी है। नक्सल प्रभावित और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में ‘हमर लैब’ और ‘ब्लड बैंक’ अब पूरी तरह तैयार है। ब्लॉक स्तर पर ये प्रदेश का पहला ‘हमर लैब’ है। जिला स्तर पर रायपुर, जगदलपुर और बलौदाबाजार में ये लैब तैयार किया जा चुका है।

उच्च स्तर के पैथोलॉजी संबंधित जांच के लिए तैयार किया गया ये ‘हमर लैब’ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर अपने तरह का प्रदेश का सबसे पहला शासकीय पैथोलॉजी लैब है। जहां क्लिनिकल पैथोलॉजी, हिमेटोलॉजी, सेरोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री एवं माइक्रोबायोलॉजी अंतर्गत करीब 50 से ज्यादा पैथोलॉजी संबंधी लैब टेस्ट की सुविधा है।

नहीं काटना पड़ेगा चक्कर

‘हमर लैब’ से मानपुर क्षेत्र के लोगों को लेबोरेटरी जांच के लिए 100 किलोमीटर दूर राजनांदगांव शहर या राजधानी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अस्पताल भवन तैयार करने के साथ ही उच्च स्तर का लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर, विकासखंड स्तर पर वैंटिलेटर युक्त आईसीयू, एक्सपर्ट डॉक्टर और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है।

ऑपरेशन सुविधा भी उपलब्ध

किसी विशेष परिस्थिति में किसी महत्वपूर्ण जीवन रक्षक ऑपरेशन या दूसरे इलाज के लिए जिले और राज्य स्तर के विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर टेलीमेडिसिन कंसल्टेंसी के जरिए मरीजों के इलाज के लिए एक टेलीमेडिसिन सह वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष भी बनाया गया है। जिसमें सारी सुविधाएं उपलब्ध है।