छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और विकासात्मक एजेंडे को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई दूरगामी निर्णय लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाना और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाना है।

नशे के खिलाफ निर्णायक कदम

कैबिनेट ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 100 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। यह कदम नशे के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में अहम माना जा रहा है।

SOG से मिलेगी त्वरित सुरक्षा प्रतिक्रिया

राज्य की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन का निर्णय लिया गया है। पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत गठित यह विशेष इकाई आपात स्थितियों, आतंकी गतिविधियों और गंभीर सुरक्षा खतरों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी।

विमानन क्षेत्र में युवाओं को अवसर

छत्तीसगढ़ में फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) की स्थापना को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। निजी सहभागिता से संचालित यह पहल पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ एयरो स्पोर्ट्स, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर खोलेगी।

स्टार्टअप नीति से नवाचार को बढ़ावा

छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 के अनुमोदन से राज्य के स्टार्टअप ईकोसिस्टम को नई गति मिलेगी। इससे इनक्यूबेटर्स, निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार की उम्मीद है।

नागरिक सुविधाओं को राहत

राज्य की 35 पूर्ण विकसित आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे कॉलोनीवासियों को मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से मिलेंगी और दोहरे रखरखाव शुल्क से मुक्ति मिलेगी।

नवा रायपुर और विशेष क्षेत्रों का विकास

नवा रायपुर अटल नगर में सरकारी कार्यालयों के लिए बहुमंजिला भवन के निर्माण से भूमि का बेहतर उपयोग होगा। वहीं सिरपुर और अरपा क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए भूमि आबंटन का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया गया है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

डिजिटल गवर्नेंस की ओर कदम

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की स्वीकृति दी है। इससे शासकीय सेवाएं अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और 24×7 उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही मोबाइल टावर योजना के तहत दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

इन फैसलों से स्पष्ट है कि साय सरकार सुरक्षा, सुशासन, नवाचार और डिजिटल समावेशन को केंद्र में रखकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।