छत्तीसगढ़ ट्रैवल गाइड में शामिल राजिम संगम स्थल को दर्शाता ग्राफिक

हर बार लंबी छुट्टी और भारी बजट की जरूरत नहीं होती, कभी-कभी सिर्फ एक दिन का सफर भी जिंदगी की भागदौड़ से पूरा सुकून दे जाता है. यह छत्तीसगढ़ ट्रैवल गाइड खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जो रायपुर के आसपास कम समय और कम खर्च में घूमने लायक जगहें ढूंढ रहे हैं.

संगम नगरी राजिम में बिताएं शांत सुबह

रायपुर से करीब 45 किलोमीटर दूर राजिम महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम पर बसा है. यहां का धार्मिक माहौल और मंदिर इसे एक दिन की सुकून भरी यात्रा के लिए एकदम सही बनाते हैं. सुबह जल्दी निकलें, तो शाम तक वापसी भी आराम से हो जाती है.

जंगलों के बीच छिपा घाटारानी वॉटरफॉल

राजिम से लगभग 25 किलोमीटर और आगे गरियाबंद के घने जंगलों में घाटारानी वॉटरफॉल है, जो रायपुर से करीब 75 से 85 किलोमीटर पड़ता है. यहां तक गाड़ी से पहुंचने में लगभग दो घंटे का समय लगता है. थोड़ी पैदल चढ़ाई के बाद झरने के नीचे बना प्राकृतिक कुंड नजर आता है, और खास बात यह है कि यहां घूमने की कोई एंट्री फीस भी नहीं है.

बरनवापारा अभयारण्य: वाइल्डलाइफ प्रेमियों की पसंद

जिन्हें जंगल सफारी और जंगली जानवर देखना पसंद है, उनके लिए बरनवापारा अभयारण्य एक शानदार विकल्प है. आसपास के बर और नवापारा गांवों के नाम पर बना यह अभयारण्य घने जंगलों और शांत ट्रेल्स के बीच तेंदुए और सुस्त भालू जैसे जानवरों को देखने का मौका देता है.

इस छत्तीसगढ़ ट्रैवल गाइड में कम दूरी के और भी विकल्प

अगर समय बहुत सीमित है, तो शहर से सटे दुर्ग और भिलाई भी अच्छे विकल्प हैं. भिलाई रायपुर से महज 25 किलोमीटर दूर है और अपने स्टील प्लांट के लिए मशहूर है, जबकि दुर्ग अपने सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है. नंदन वन में बच्चों के साथ जंगल सफारी का अनुभव भी लिया जा सकता है.

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • सितंबर-अक्टूबर का समय झरनों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है
  • भीड़ और तेज धूप से बचने के लिए सुबह जल्दी निकलें
  • पानी, हल्का नाश्ता और आरामदायक जूते साथ रखना न भूलें
  • गीली और फिसलन भरी जगहों पर संभलकर चलें

एक ही ट्रिप में राजिम और घाटारानी कैसे कवर करें

अगर समय सीमित है, तो राजिम और घाटारानी को एक ही दिन की ट्रिप में जोड़ा जा सकता है, क्योंकि दोनों स्थान आपस में सिर्फ 25 किलोमीटर दूर हैं. सुबह जल्दी रायपुर से निकलकर पहले राजिम में मंदिर दर्शन करें, फिर घाटारानी पहुंचकर झरने का लुत्फ उठाएं. दोपहर बाद वापसी शुरू करने पर शाम तक घर पहुंचना आसान रहता है.

फोटोग्राफी के लिए सबसे अच्छा समय

घाटारानी वॉटरफॉल की खूबसूरती सुबह की हल्की धूप में सबसे ज्यादा निखरती है, जब भीड़ भी काफी कम होती है. राजिम में नदी संगम पर शाम की आरती के दौरान का नजारा भी फोटोग्राफी के लिहाज से बेहद खास माना जाता है. मोबाइल से भी अच्छी तस्वीरें लेनी हों, तो पानी के बहाव को कैद करने के लिए बर्स्ट मोड का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है.

बरनवापारा की सफारी के लिए सही तैयारी

बरनवापारा अभयारण्य में सफारी के लिए सुबह जल्दी या शाम ढलने से पहले का वक्त सबसे मुफीद माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान जानवर ज्यादा नजर आते हैं. यहां जाने से पहले लोकल गाइड या वन विभाग से टाइमिंग और नियमों की जानकारी लेना बेहतर रहता है, ताकि ट्रिप बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके.

स्थानीय स्वाद चखे बिना ट्रिप अधूरी है

छत्तीसगढ़ की इन जगहों की यात्रा स्थानीय खाने के बिना अधूरी मानी जा सकती है. रास्ते में मिलने वाले ढाबों पर चीला, फरा और ठेठरी जैसे पारंपरिक व्यंजन जरूर आजमाएं. यह सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की असली संस्कृति को करीब से महसूस करने का एक तरीका भी है.

इन सभी जगहों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन्हें बिना बड़ी प्लानिंग या भारी सामान के भी आराम से एक्सप्लोर किया जा सकता है. परिवार के साथ शांति भरा समय बिताना हो या दोस्तों के साथ हल्की-फुल्की एडवेंचर ट्रिप, रायपुर के पास की ये जगहें हर तरह के ट्रैवलर के लिए कुछ खास लेकर आती हैं.

अगर लंबी छुट्टी प्लान करने का समय न निकल पाए, तो इनमें से किसी एक जगह को चुनकर सिर्फ रविवार की सुबह निकल जाना भी काफी है. न बैग पैक करने की झंझट, न होटल बुकिंग की चिंता, बस गाड़ी उठाइए और निकल पड़िए. इस तरह की छोटी ट्रिप्स हफ्तेभर की थकान उतारने के लिए भी उतनी ही असरदार साबित होती हैं, जितनी लंबी छुट्टी वाली यात्राएं.

छत्तीसगढ़ के इन नजदीकी स्पॉट्स की सबसे अच्छी बात यही है कि इनके लिए न बड़ी छुट्टी चाहिए, न भारी जेब खर्च. बस एक दिन निकालिए और परिवार या दोस्तों के साथ प्रकृति के बीच कुछ खूबसूरत पल बिताइए.

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