रायपुर। सदी के महानायक भूपेश बघेल ने रविवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सली क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर सवाल किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, कि पिछली सरकार के गोली के बदले गोली के जवाब के बदले हमने विकास, विश्वास और सुरक्षा की रणनीति पर काम करना शुरू किया। इससे आम जनता तक सरकार की पहुंच बनी। लोगों के विश्वास जीतने के कारण धुर नक्सली जिलों में सुविधाएं पहुंच रही है।

कई वर्षों से स्कूल बंद

मुख्यमंत्री ने अमिताभ बच्चन को बताया, सुकमा जैसे जिले में 112 स्कूल पिछले 12 -13 साल से बंद थे। हमने पिछले तीन सालों में 92 स्कूल शुरू किए हैं। सिलगेर की घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ 80 परिवारों में से 60 परिवारों के पास राशन कार्ड और आधार कार्ड नहीं था। हमने कैंप लगाया और एक दिन में 3000 लोग शिविर में आए।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नक्सल क्षेत्रों में राज्य सरकार विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति अपनाकर काम कर रही है। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ-साथ विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे नक्सलियों से लोगों का मोह भंग हो रहा है। नक्सल गतिविधियां अब सिमट सी गई है।

बघेल ने एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में यह बातें कही। सीएम भूपेश ने महानायक अमिताभ बच्चन के एक सवाल के जवाब में बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के लिए चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्तियां की गई हैं। आम जनता तक सरकार की पहुंच बनी है। हम स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं पीडीएस सिस्टम को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। दंतेवाड़ा जिले से मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की शुरूआत की गई थी, यह योजना राज्य के सभी जिलों में संचालित है।

सोलर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने की दिशा में काम

सोलर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं। सीएम ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट और दाई दीदी क्लिनिक के जरिए भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। दाई- दीदी क्लिनिक वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई निगम क्षेत्र में संचालित है। जल्द ही इसका विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा। राज्य में 37.8 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से और 41.5 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थीं इसलिए राज्य में लोगों के लिए गरम भोजन देने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक साल में कुपोषण के मामले में उल्लेखनीय कमी आयी है।