मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए राज्य के 27 जिलों को कुल 2 हजार 834 करोड़ रूपए के विकासकार्यों की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पौने तीन साल के दौरान कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन सहित बहुत सारी चुनौतियां सामने आयी। इसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ में विकास और निर्माण के कार्य लगातार चलते रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि बीते जून माह में राज्य के सभी जिलों में विभिन्न विभागों के कुल 8188 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया था, जिनकी कुल लागत 6 हजार 845 करोड़ रुपए थी। जून माह में ही घर-घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए 238 करोड़ रुपए लागत की 658 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था, जिस पर तेजी से काम जारी है। तब से लेकर अब तक लगातार और भी बहुत से नये कामों की शुरुआत हुई है, और पूर्ण हो चुके कामों का लोकार्पण भी लगातार किया जा रहा है।

तेजी से चल रहे अधोसंरचना के काम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कांफ्रेंस के जरिए 401 कार्यों का लोकापर्ण व भूमिपूजन किया। इनमे पीडब्लूडी के 2708 करोड़ के सड़क ,पुल – पुलिया और भवन निर्माण के 332 कार्य है। कार्यक्रम को लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण के काम तेजी से कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों के साथ-साथ पुल-पुलियों के निर्माण को विशेष प्राथमिकता से कराया जा रहा है, ताकि लोगों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने धरसा योजना की तैयारी तथा विभाग की कार्य योजना की जानकारी भी दी और कहा कि स्वीकृत सड़कों के निर्माण के साथ-साथ आने वाले वर्षों में राज्य में तीन हजार किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत कराया जाना है।

सड़कों का हो रहा विस्तार

पौने तीन सालों में लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 12 हजार करोड़ रूपए के निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी गई है। छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा 5225 करोड़ की लागत के 3900 किलोमीटर लंबी सड़कों एवं पुल-पुलिया के निर्माण कराया जा रहा है।