- कृषि क्षेत्र में विकास के नये और विकसित तौर-तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को बस्तर से महत्वाकांक्षी छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास (चिराग) परियोजना का शुभारंभ किया। यह बस्तर के लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली अब तक की सबसे बड़ी परियोजना होगी। छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास परियोजना, छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नई रौशनी फैलाएगी। यह लंबे समय तक चलने वाली परियोजना है। ये नई परियोजना बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों और वनाश्रितों के जीवन में एक और नई सुबह लेकर आई है।
योजना का उद्देश्य किसानों की आमदनी के अवसरों को बढ़ाना, गांवों में पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, क्षेत्र की जलवायु पर आधारित पोषण-उत्पादन प्रणाली विकसित करना, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के कार्यप्रणाली का विकास करना है। इस परियोजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में विकास के नए और विकसित तौर-तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा।
नई आशाएं लाने वाली योजना
चिराग परियोजना आदिवासियों के लिए नए अवसर और नई आशाएं लाने वाली योजना है। आधुनिक खेती और नवाचारों से जुड़कर वे नए जीवन में प्रवेश करेंगे। आदिवासी इलाकों के स्थानीय युवाओं को भी इससे बहुत लाभ होगा। उन्हें मछली पालन, पशु-पालन, उद्यानिकी, विशेष प्रजातियों की फसलों के उत्पादन, क्षेत्रीय जलवायु आधारित पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उत्पादन के कामों से जोड़ा जाएगा। युवाओं को सेल्स और मार्केटिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें अत्याधुनिक कृषि तकनीकों की शिक्षा दी जाएगी। उन्हें स्टार्टअप के लिए भी प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा। इस परियोजना के लागू होने से आदिवासी समाज के युवा आत्मनिर्भर और स्वालंबी बनेंगे। ग्रामीण उद्यमी बन जाएंगे।
परियोजना के लिए 1200 करोड़ की राशि
इस परियोजना के लिए वल्र्ड बैंक और संयुक्त राष्ट्र संघ की कृषि विकास के लिए स्थापित संस्था आईएफएडी, ने वित्तीय सहायता दी है। जिसमें विश्व बैंक द्वारा 730 करोड़ रुपये और आईएफडी द्वारा 486.69 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता इस परियोजना के लिए दी गई है। इस परियोजना की कुल राशि में 30 प्रतिशत राशि, 518.68 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार अपने राजकीय कोष से उपलब्ध कराएगी।
इन जिलों में होगा लागू
चिराग परियोजना को बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा, मुंगेली, बलौदाबाजार, बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा जिलों के आदिवासी विकासखंडों में लागू की जाएगी।
jai sir is a dedicated news blogger at The Hind Press, known for his sharp insights and fact-based reporting. With a passion for current affairs and investigative journalism, he covers national, international, sports, science, headlines, political developments, environment, and social issues with clarity and integrity.
