राज्य को 5.25 लाख गठान बारदाने की जरुरत, स्वीकृत हुए 2.14 लाख गठान, अब तक मिले सिर्फ 86 हजार 856
रायपुर। छत्तीसगढ़ से उसना चावल खरीदने और बारदानों को लेकर अगर सहमति नहीं बनी तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूरे मंत्रिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली जा सकते हैं। बारदाने और उसना चावल की खरीदी को लेकर राज्य स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को ही सीएम भूपेश ने प्रधानमंत्री को इस बाबत चिट्ठी भी लिखी, लेकिन केंद्र अपने निर्णय पर ही अड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत सरकार द्वारा नए जूट बारदानों की समयानुसार आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। सीएम ने अपने पत्र में कहा है कि 12 नवंबर 2021 को जारी प्लान के अनुसार छत्तीसगढ़ को 2.14 लाख गठान नए जूट बारदाने जूट कमिश्नर कोलकाता के जरिए खरीदने की अनुमति मिली है। लेकिन छत्तीसगढ़ को अब तक केवल 86 हजार 856 गठान नए जूट बारदाने ही मिले हैं, जो प्लान अनुसार अपेक्षित मात्रा से काफी कम है। राज्य को धान खरीदी के लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की जरुरत है। जूट कमिश्नर द्वारा प्लान के अनुसार यदि समय पर शतप्रतिशत बारदानों की आपूर्ति नहीं की जाती है तो धान खरीदी में परेशानी हो सकती है।
पीएम मोदी को लिखे गए पत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 1 दिसंबर, 2021 से प्रारंभ होना संभावित है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर राज्य में किसानों से 105 लाख टन धान उपार्जन होना अनुमानित है। जिसके लिए 5.25 लाख गठान बारदाने की जरुरत होगी। इसमें से 2.14 लाख गठान नए जूट बारदाने जूट कमिश्नर कोलकाता के माध्यम से क्रय करने की अनुमति खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार ने 12 नवंबर 2021 को जारी पत्र के जरिए दे दी है। इसके मुताबिक अगस्त महीने के लिए 0.19 लाख गठान, सितंबर के लिए 0.32 लाख गठान, अक्टूबर के लिए 0.72 लाख गठान, नवंबर के लिए 0.15 लाख गठान और दिसंबर के लिए 0.76 लाख गठान नए जूट बारदाने की माहवार आपूर्ति किए जाने का शेड्यूल जारी किया गया है।
राज्य सरकार के प्रयास के बाद भी नहीं मिल रहे परिणाम
मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा 2.14 लाख गठान जूट बारदाने खरीदने के लिए इंडेन्ट जारी किया गया है। इसके विरुद्ध राज्य को अभी तक केवल 86 हजार 856 गठान नए जूट बारदाने ही मिले हैं। जूट कमिश्नर के माध्यम से राज्य को प्राप्त होने वाले उक्त समस्त नये जूट बारदानों की शत-प्रतिशत आपूर्ति के लिए राज्य स्तर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। लेकिन राज्य सरकार के प्रयासों के बाद भी जूट कमिश्नर द्वारा आपूर्ति किये जा रहे बारदानों की गति में संतोषप्रद प्रगति नहीं हुई है।
प्रभावित हो सकती है धान खरीदी
सीएम ने प्रधानमंत्री को बताया है कि पिछले साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए प्रतिदिन औसतन 10 हजार गठान बारदानों की आवश्यकता हो रही थी। ऐसी स्थिति में यदि जूट कमिश्नर कोलकाता द्वारा आपूर्ति कार्ययोजना के अनुरूप शत-प्रतिशत बारदानों की आपूर्ति नियत समय पर नहीं की जाती है, तो धान खरीदी अवधि के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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