रायपुर। धर्म संसद के आयोजक एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव नीलकंठ त्रिपाठी ने पार्टी की सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा नीलकंठ त्रिपाठी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार के नाम दिया है।

उन्होंने इस्तीफे को लेकर रायपुर धर्म संसद मामले में अपने ऊपर राजनेताओं द्वारा आरोप को बड़ी वजह बताया है। उनका कहना है कि धर्म संसद के आयोजन का उद्देश्य सनातन धर्मियों को एक मंच पर लाना व इसके विस्तार को लेकर था परन्तु अनावश्यक राजनीति के चलते उनको यह फैसला लेने मजबूर होना पड़ा।

नीलकंठ त्रिपाठी का त्यागपत्र
नीलकंठ त्रिपाठी का त्यागपत्र

सनातनियों को एक मंच पर लाना था उद्देश्य- नीलकंठ

राष्ट्रीय सचिव नीलकंठ त्रिपाठी ने इस्तीफा में कहा, मैंने विगत 15 सालों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़कर कई सामाजिक एवं राजनीतिक स्तर पर कार्य किया है। अभी वर्तमान में राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस से राष्ट्रीय सचिव के पद पर हूं। नीलकंठ सेवा संस्था द्वारा 25 एवं 26 दिसंबर को धर्म संसद का आयोजन राजधानी रायपुर में किया गया था। जिसमें महराज कालीचरण द्वारा मंच से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में गलत टिप्पणी की गई। आयोजन का उद्देश्य सनातन धर्मियों को एक मंच पर लाना, सनातन धर्म का विस्तार कर सनातन धर्म के बारे मे संतो द्वारा दिशा-निर्देश देना था। जिसमें समाज के प्रमुख एवं आम जनता के साथ समस्त सनातनी राजनेताओं को इस आयोजन में इसलिए जोड़ा गया था।

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नेता लगा रहे हैं साजिश का आरोप

राष्ट्रीय सचिव नीलकंठ त्रिपाठी ने कहा है कि महराज कालीचरण के आपत्ति जनक टिप्पणी के बाद कुछ राजनेताओं द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि नीलकंठ त्रिपाठी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी हैं और कांग्रेस के साथ मिलकर यह प्रायोजित आयोजन किया गया। ताकि संत समाज एवं हिन्दू धर्म की बदनामी हो। यह आयोजन केवल सनातन धर्म को लेकर था, परंतु इसे राजनीति अखाड़ा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सक्रिय सदस्य एवं अपने सभी समस्त पदों से त्याग पत्र देता हूं। मैं हमेशा से अपने धर्म के लिए कार्य करता आया हूं और आगे भी करता रहूंगा।