सुकमा में कर्रेगुट्टा ऑपरेशन से लौटते वक्त घायल हुए डॉग रोलो को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। रोलो को मधुमक्खियों ने 27

डॉग रोलो शहीद सम्मान के साथ अंतिम विदाई

सुकमा जिले में तैनात सीआरपीएफ की 228 बटालियन के के9 डॉग रोलो को शहीद घोषित कर अंतिम विदाई दी गई।

रोलो कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के बाद लौटते समय मधुमक्खियों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था। और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

🐝 मधुमक्खियों के डंक से एनाफिलेक्टिक शॉक

रोलो को मधुमक्खियों ने 27 अप्रैल को हमला कर घायल कर दिया। और उसे करीब 200 डंक लगे थे।

सीआरपीएफ ने तत्काल इलाज शुरू किया। और उसे अस्पताल भेजा गया। लेकिन एनाफिलेक्टिक शॉक से उसकी जान नहीं बच सकी।

डॉग रोलो शहीद सम्मान के साथ जब कैंप में अंतिम विदाई दी गई, तो जवानों की आंखें नम हो गईं।

💣 आईईडी डिटेक्शन में रोलो की बहादुरी

रोलो बेल्जियन शेफर्ड नस्ल का प्रशिक्षित डॉग था। और उसने कर्रेगुट्टा पहाड़ पर कई आईईडी खोज निकाली थी।

ऑपरेशन के दौरान उसकी भूमिका बहादुरी भरी रही। और उसका साहस पूरे बल के लिए प्रेरणादायक बना रहा।

🎖️ CRPF महानिदेशक ने किया मरणोपरांत सम्मानित

सीआरपीएफ महानिदेशक ने रोलो को मरणोपरांत कॉमेंडेशन मेडल से सम्मानित किया। और उसे अद्वितीय योगदान के लिए सराहा।

सीआरपीएफ अधिकारी ने कहा कि रोलो की उपस्थिति हर ऑपरेशन में जरूरी होती थी। और वह हमेशा फ्रंटलाइन पर रहता था।

📍 सैनिक की तरह किया अंतिम संस्कार

रोलो को उसी तरह सैन्य सम्मान दिया गया, जैसे किसी जवान को अंतिम विदाई दी जाती है।

फूलों से सजे तिरंगे में लिपटे बॉक्स में रोलो को रखा गया। और ससम्मान उसका अंतिम संस्कार किया गया।

यह क्षण सभी के लिए भावुक रहा। और डॉग रोलो शहीद सम्मान की मिसाल बन गया।

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