छत्तीसगढ़ की व्यावसायिक अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा निर्मित नवीन थोक बाजार फेस-2 का भव्य लोकार्पण किया। यह आधुनिक परिसर न केवल राजधानी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार और रोजगार को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर होगा नया थोक बाजार
इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डुमरतराई थोक बाजार फेस-2 परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर किया जाएगा। इसके साथ ही, यहाँ ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की प्रेरणा से सरदार पटेल की 15 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी थी। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक केंद्र का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति राज्य सरकार की एक विनम्र श्रद्धांजलि है।
व्यापार और रोजगार का आपस में क्या है संबंध?
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और रोजगार दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। जहाँ भी आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना (Business Infrastructure) का विकास होता है, वहाँ आर्थिक गतिविधियों का दायरा स्वतः बढ़ जाता है। इससे न केवल नए निवेश आकर्षित होते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं। डुमरतराई थोक बाजार छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में मददगार साबित होगा।
“राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) के साथ-साथ ‘ईज ऑफ लिविंग’ को भी समान महत्व दे रही है। व्यापार और निवेश के अनुकूल बनाए गए नियमों का सकारात्मक असर अब प्रदेश की आर्थिक तरक्की पर साफ दिखने लगा है।” – श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
NH-30 पर 36 एकड़ में फैली हैं अत्याधुनिक सुविधाएं
यह विशाल और अत्याधुनिक थोक व्यापारिक परिसर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर लगभग 36 एकड़ के बड़े भूभाग पर विकसित किया गया है। यह परियोजना रायपुर के व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग और आवश्यकता को पूरा करती है। इस परिसर की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- चौड़ी सड़कें: भारी वाहनों के सुगम आवागमन के लिए चौड़े रास्तों का निर्माण।
- पर्याप्त पार्किंग: व्यापारियों और ग्राहकों के लिए वाहनों को पार्क करने की उत्तम व्यवस्था।
- सुव्यवस्थित ट्रैफिक: जाम की स्थिति से बचने के लिए आधुनिक यातायात प्रबंधन।
- व्यापारिक सुविधाएं: आधुनिक व्यापार के संचालन के लिए हर जरूरी संसाधन।
डुमरतराई थोक बाजार परियोजना का चरणबद्ध विकास
इस बड़े व्यापारिक केंद्र को दो अलग-अलग चरणों में योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया गया है:
- प्रथम चरण (Phase 1): इसमें लगभग ₹76 करोड़ की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानों और बड़े हॉलों का निर्माण किया गया।
- द्वितीय चरण (Phase 2): इस नए चरण में करीब ₹145 करोड़ की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानें तैयार की गई हैं।
दोनों चरणों के काम पूरे होने के बाद अब छत्तीसगढ़ के पास एक सर्वसुविधायुक्त और सुव्यवस्थित थोक बाजार की बड़ी सौगात उपलब्ध है।
रायपुर शहर को ट्रैफिक जाम से मिलेगी बड़ी राहत
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि साल 2010 में डुमरतराई में जिस आधुनिक थोक बाजार का सपना देखा गया था, वह आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सच साबित हुआ है। इससे व्यापारियों को बेहतर माहौल तो मिलेगा ही, साथ ही रायपुर शहर के भीतर की यातायात व्यवस्था भी काफी सुगम हो जाएगी।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा सहित कई व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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