रायपुर। राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों के केल्याण का पर्याय बन रही है। योजना के तहत छत्तीसगढ़ में खरीफ की विभिन्न फसलों के लिए 9 हजार और धान के रकबे में अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों को अनुदान राशि दी जा रही है। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी और खेती ज्यादा लाभकारी बनेगी। वैसे भी देश में छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की सबसे ज्यादा कीमत मिल रही है।
दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को मनवा क्षत्रिय कुर्मी समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह समाज मूलतः कृषक समाज है और स्वतंत्रता आंदोलन,राज्य निर्माण के साथ खेती किसानी को बढ़ावा देने में इस समाज का बड़ा योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन ने डॉ. खूबचंद बघेल के नाम पर स्वास्थ्य योजना, स्वामी आत्मानंद के नाम पर उत्कृष्ट शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूल की योजना शुरू की है। इसी तरह डॉ. नरेंद्र वर्मा द्वारा रचित गीत ‘अरपा पैरी के धार…’ को राजगीत बनाया गया है।
रसायनिक खाद की कमी को दूर करेगी जैविक खाद
सीएम ने कहा कि पूरे देश में रासायनिक खाद की कमी है। हमारे देश में करीब 38 लाख मैट्रिक टन रसायनिक खाद की जरूरत है। लेकिन देश में अभी करीब 18 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का ही उत्पादन हो पा रहा है। छत्तीसगढ़ के गौठानो में बने वर्मी और कंपोस्ट खाद से यहां की खेती किसानी को बढ़ावा मिला है। इससे जमीन को उपजाऊ बनाने में और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली है। अब बस जरूरत है कि हमारे किसान और ग्रामीण भविष्य में भी वर्मी खाद और कंपोस्ट खाद का उत्पादन बढ़ाए और उसका उपयोग करें। इससे रसायनिक खाद से होने वाली कमी से उनके खेत प्रभावित नहीं होंगे।
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