फसल विविधीकरण

राजनांदगांव में आयोजित किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि खरीफ 2026 से धान के स्थान पर दलहन, तिलहन या अन्य लाभकारी फसलें लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर अधिक लाभदायक कृषि गतिविधियों की ओर प्रोत्साहित करना है।

कृषि को लाभकारी बनाने की रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण और खेती के नए प्रयोगों के कारण सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। किसानों ने दलहन और तिलहन जैसी फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाई है। सरकार अब इस मॉडल को अन्य जिलों में भी विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है।

विकास कार्यों से बदलेगा जिले का स्वरूप

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फसल विविधीकरण के साथ-साथ 510 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 333 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें सड़क, पुल, सिंचाई और जल संरक्षण परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

किसानों को मिल रही अनेक योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि फसल विविधीकरण के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। सरकार समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता और उत्पादन क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।

सम्मानित हुए किसान और कृषि सखियां

कार्यक्रम में फसल विविधीकरण को सफल बनाने वाले किसानों, कृषि सखी दीदियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया। साथ ही किसानों को मिनी किट वितरित की गई और सोयाबीन खरीदी के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इससे किसानों को बाजार और उत्पादन दोनों स्तरों पर नई सुविधाएं मिलेंगी।

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