गौरेला आग

मंगलवार देर रात गौरेला आग की एक बड़ी घटना सामने आई। परमात्मानंद संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अचानक भीषण आग लगने से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग ने कुछ ही देर में कई कमरों को अपनी चपेट में ले लिया। फर्नीचर, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री जलकर नष्ट हो गई। हालांकि छात्रावास में मौजूद 50 से अधिक छात्रों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार घटना में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है।

गौरेला आग के बाद दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा

रात करीब 12:30 बजे स्थानीय लोगों ने विद्यालय से धुआं और आग की लपटें उठती देख नगर पालिका परिषद पेंड्रा के दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं।

दमकल कर्मियों ने स्थानीय नागरिकों और पुलिस की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कई घंटे की मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया। साथ ही उसे छात्रावास और अन्य भवनों तक फैलने से रोक दिया गया।

50 से अधिक छात्रों की सुरक्षित निकासी

गौरेला आग की घटना के समय छात्रावास में 50 से अधिक छात्र सो रहे थे। राहत एवं बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। किसी भी छात्र के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें काफी ऊंची थीं। धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था। इससे आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया।

जांच के बाद सामने आएगा आग का कारण

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि किसी जलती सामग्री या चिंगारी से विद्यालय के ऊपरी हिस्से में रखे सामान में आग लगी होगी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गौरेला आग की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

पुलिस और संबंधित विभाग तकनीकी जांच कर रहे हैं। साथ ही परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

एक नजर में

  • आधी रात संस्कृत विद्यालय में आग लगी।
  • लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ।
  • 50 से अधिक छात्र सुरक्षित निकाले गए।
  • दमकल और पुलिस ने मिलकर आग बुझाई।
  • आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन

गौरेला आग की घटना के बाद प्रशासन ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। वहीं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी भी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में सहयोग देकर बड़ी जनहानि टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गौरेला आग की इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को फिर उजागर किया।

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