जज़्बा पुलिस सम्मान

रायपुर में आयोजित जज़्बा पुलिस सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं है। यह समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की मजबूत नींव भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी हर मौसम और हर चुनौती में जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। उनके त्याग और अनुशासन से नागरिक निश्चिंत जीवन जी पाते हैं। इसलिए ऐसे कर्मयोगियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान माना जाना चाहिए।

नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस की भूमिका बनी विकास की आधारशिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों तक बस्तर नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा। इससे विकास की गति बाधित हुई। हालांकि अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की लगातार कार्रवाई से प्रदेश में विश्वास का वातावरण मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि यह सफलता लोकतंत्र और विकास की रक्षा का परिणाम है। वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाकर प्रदेश को नई दिशा दी। जज़्बा पुलिस सम्मान समारोह में उन्होंने पुलिस बल के साहस को ऐतिहासिक बताया।

जज़्बा पुलिस सम्मान के मंच पर ज्ञानेश्वरी यादव बनीं प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने वाली सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि 199 किलोग्राम भार उठाकर उन्होंने देश और छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि पुलिस बल के सदस्य केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं। वे खेलों सहित अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी सफलता युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण है।

घायल जवानों के संकल्प ने बढ़ाया विश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर घायल कई जवानों से मिलने का अवसर मिला। गंभीर चोटों के बावजूद उनका मनोबल कमजोर नहीं हुआ। वे स्वस्थ होकर दोबारा सेवा में लौटने के लिए तैयार थे।

उन्होंने कहा कि ऐसा समर्पण पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। यही भावना छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त बनाने के अभियान को मजबूती देती है।

मीडिया और पुलिस के सहयोग से बढ़ेगा जनविश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सकारात्मक पत्रकारिता समाज में विश्वास का माहौल बनाती है। साथ ही पुलिस के उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने से जनता और पुलिस के बीच संबंध मजबूत होते हैं।

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने भी मीडिया की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जनआकांक्षाओं को समझने का प्रभावी माध्यम है। इससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।

सम्मानित कार्यों की प्रमुख श्रेणियां

  • सामुदायिक पुलिसिंग
  • महिला सुरक्षा और पिंक पेट्रोल
  • साइबर अपराध नियंत्रण
  • ई-मालखाना प्रबंधन
  • नवीन आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन
  • सोशल मीडिया जनजागरूकता
  • अनुसंधान एवं अन्वेषण
  • संवाद आधारित पुलिसिंग

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