दुर्ग। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार हर बच्चे को बेहतर अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है।
राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में उन्होंने शिक्षा और खेल क्षेत्र से जुड़ी कई नई घोषणाएं भी कीं।
मुख्य अपडेट
- राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन।
- मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता।
- दुर्ग को चार नई विकास परियोजनाएं मिलीं।
- विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई।
- मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बढ़े संसाधन
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है। बच्चों में नैतिक मूल्य, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी उतना ही जरूरी है। इसी दिशा में प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, अतिरिक्त पोषण और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद अब प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है।
दूरस्थ क्षेत्रों तक भी बेहतर शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
दुर्ग जिले को मिली नई सौगात
मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन, सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक और नीट-जेईई की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटों वाले छात्र एवं छात्रा छात्रावास की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत किया गया। विद्यार्थियों को पुस्तकें, गणवेश, स्कूल बैग और छात्राओं को साइकिल भी वितरित की गई।
साथ ही राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
अहम घोषणाएं
- आधुनिक शिक्षा कार्यालय भवन।
- ऑडिटोरियम का निर्माण।
- एथलेटिक्स ट्रैक और फुटबॉल मैदान।
- नीट-जेईई छात्रों के लिए छात्रावास।
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