भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी फॉरवर्ड Gurjant Singh ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेकर अपने शानदार करियर पर विराम लगा दिया है। उन्होंने यह अहम घोषणा Hockey India Awards समारोह के दौरान की, जहां उन्हें सम्मानजनक विदाई भी दी गई।

31 वर्षीय Gurjant Singh ने भारत के लिए 130 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 33 गोल दागे और कई महत्वपूर्ण मैचों में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी तेज रफ्तार और आक्रामक खेल शैली ने उन्हें टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनाया।

पंजाब के अमृतसर में जन्मे गुरजंत ने अपने जुनून और मेहनत के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई। 2016 जूनियर विश्व कप में फाइनल गोल के साथ उन्होंने भारत को चैंपियन बनाने में अहम योगदान दिया। इसके बाद 2017 में सीनियर टीम में डेब्यू कर उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

Gurjant Singh की सबसे बड़ी उपलब्धियां ओलंपिक मंच पर देखने को मिलीं। वे Tokyo Olympics 2020 और Paris Olympics 2024 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने Asian Games 2022 और Asia Cup 2017 में स्वर्ण पदक जीतने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए Arjuna Award से सम्मानित किया जाना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

संन्यास के मौके पर Gurjant Singh ने भावुक होकर कहा कि टीम के साथ बिताया गया समय उनके लिए सबसे कीमती है। उन्होंने अपने साथियों को परिवार बताया और देश के लिए खेलने को जीवन का सबसे बड़ा गर्व बताया।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष Dilip Tirkey ने भी उनकी सराहना करते हुए कहा कि गुरजंत की ऊर्जा और गोल करने की क्षमता ने उन्हें एक खास खिलाड़ी बनाया।

Gurjant Singh का संन्यास भारतीय हॉकी के लिए एक युग के अंत जैसा है, लेकिन उनकी उपलब्धियां और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।