रायपुर। गुरुवार शाम को कालीचरण महराज को रायपुर की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से पुलिस रिमांड पर कालीचरण को भेजा गया। करीब दो घंटे तक चली सुनावाई के दौरन कालीचरण के बचाव में उतरे वकील पुलिस की कार्रवाई को गलत बताते हुए, उसको छोड़ने की मांग करते रहे। कालीचरण की तरफ से वकीलों ने कहा कि इस केस में बिना नोटिस के गिरफ्तारी हुई। फिर वकीलों ने इससे पहले के मामलों का हवाला दिया। फिलहाल सारी बहस के बाद कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर कालीचरण को भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक कोर्ट रूम में वकीलों ने बहस करते हुए कालीचरण को आतंकवादी तक कह दिया, जिसका बाकी वकीलों ने विरोध भी किया। वकीलों के बीच गहमा-गहमी का माहौल हो गया। बाहर कालीचरण के समर्थक और कई भाजपा नेता नारेबाजी कर रहे थे। न्यायालय परिसर में जय श्रीराम और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए।

ये भी पढ़ें: ढोंगी की गिरफ्तारी:ढोंगी की गिरफ्तारी पर भाजपाईयों की बौखलाहट से स्पष्ट कालीचरण आरएसएस का एजेंट है

पुलिस करेगी पूछताछ

रायपुर के बैरन बाजार, सिविल लाइंस स्थित पुलिस अपने किसी सेफ हाउस में कालीचरण को रखे हुए है। यहां धर्म संसद में दिए गए बयान को लेकर कालीचरण से पूछताछ की जाएगी। उसके खिलाफ राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया गया है। पुलिस दूसरे धर्मों के प्रति की गई कालीचरण की टिप्पणी को लेकर भी बातचीत करेगी। इसके बाद 1 जनवरी को फिर से कालीचरण को रायपुर की अदालत में पेश किया जाएगा।

कालीचरण से साथ थे 6 अन्य लोग

छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण को मध्यप्रदेश के छतरपुर से पकड़ा था। वहां होम स्टे में ठहरे राजेश शर्मा नाम के व्यक्ति ने बताया कि मंगलवार रात बाबा 6 लोगों के साथ आया था। बाद में दो महिलाएं भी आई थीं। कालीचरण ने मास्क लगा रखा था, इसलिए लोग उसे पहचान नहीं सके। उसने यहां 103, 109 और 112 नंबर का कमरा लिया था। रायपुर की पुलिस ने यहीं पहुंचकर कालीचरण को पकड़ा, वो महिलाएं कौन थीं और अब कहां गईं ये फिलहाल पता नहीं चल पाया है।