खनिज माफिया

प्रदेश में खनिज माफिया के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन जिलों में संयुक्त अभियान चलाया। केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की टीमों ने शिकायतों के आधार पर जांच करते हुए अवैध परिवहन में शामिल कई वाहनों को पकड़ा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

सात वाहन हुए जब्त

जांच के दौरान खनिज माफिया से जुड़े कुल सात वाहनों को जब्त किया गया। इनमें चूना पत्थर और रेत का अवैध परिवहन करने वाले हाइवा और टिप्पर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी वाहनों को कानून के तहत जब्त कर संबंधित थानों में रखा गया है। आगे की जांच के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रशासनिक टीम को धमकाने का आरोप

कार्रवाई के दौरान खनिज माफिया से जुड़े कुछ लोगों ने जांच टीम के साथ अभद्रता की। अधिकारियों के अनुसार वाहन मालिकों और उनके सहयोगियों ने गाली-गलौच, धमकी और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की कोशिश की। इस मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

सरकार का सख्त संदेश

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज माफिया को किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी। अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से निरीक्षण और निगरानी जारी रखें ताकि अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर जोर

सरकार का मानना है कि खनिज माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में प्रवर्तन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे अभियान और अधिक व्यापक स्तर पर चलाए जाएंगे।

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