सागौन रोपण

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सागौन रोपण किसानों के लिए एक सुरक्षित और लाभकारी निवेश के रूप में उभर रहा है। सागौन की लकड़ी की बाजार में लगातार मांग रहती है और इसकी कीमत भी अन्य वृक्षों की तुलना में अधिक होती है। उन्होंने कहा कि यदि किसान दीर्घकालिक लाभ की योजना बना रहे हैं तो सागौन का चयन उनके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

टिश्यू कल्चर तकनीक से मिलेगा फायदा

कार्यशाला में बताया गया कि सागौन रोपण में टिश्यू कल्चर तकनीक का उपयोग किसानों को अधिक लाभ दिला सकता है। इस तकनीक से तैयार पौधे तेजी से बढ़ते हैं और उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है। परिणामस्वरूप किसानों को अधिक मूल्य वाली लकड़ी प्राप्त होती है और उत्पादन क्षमता में भी सुधार आता है।

खेती के साथ अतिरिक्त आय का अवसर

विशेषज्ञों ने बताया कि सागौन रोपण के शुरुआती वर्षों में किसान वृक्षों के बीच दलहन और तिलहन जैसी फसलें उगा सकते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है। साथ ही वृक्षों की छंटाई से भी समय-समय पर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है, जिससे खेती अधिक लाभकारी बनती है।

छोटे किसानों को मिलेगा पूरा अनुदान

राज्य सरकार सागौन रोपण को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दे रही है। पांच एकड़ तक भूमि वाले किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है। वहीं बड़े प्रकल्पों के लिए 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को वृक्ष आधारित खेती की ओर आकर्षित करना है।

विशेषज्ञों ने बताए सफलता के सूत्र

कोयंबटूर से आए वैज्ञानिकों ने सागौन रोपण की आधुनिक तकनीकों, पौध प्रबंधन और रोग नियंत्रण पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु सागौन के लिए उपयुक्त है और यदि किसान वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं तो उन्हें भविष्य में बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है।

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