कृषि नवाचार को नई गति देने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का दौरा किया। उनके साथ कृषि विभाग के संचालक राहुल देव भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने विश्वविद्यालय में विकसित आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए राज्य सरकार विश्वविद्यालय को हरसंभव सहयोग देगी।
मुख्य बातें
- कृषि उत्पादन आयुक्त ने IGKV का निरीक्षण किया।
- अनुसंधान और बायोटेक सुविधाओं का अवलोकन किया।
- धान जर्मप्लाज्म संग्रह की जानकारी ली।
- टिश्यू कल्चर तकनीक की समीक्षा की।
- किसानों की आय बढ़ाने वाले नवाचारों पर चर्चा हुई।
कृषि नवाचार से मजबूत होगी आधुनिक खेती
निरीक्षण के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने अनुसंधान प्रयोगशालाओं और इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय और सगंध फसलों के अनुसंधान प्रक्षेत्र का भी निरीक्षण किया। टिश्यू कल्चर लैब में केला, गन्ना और बांस के पौधों के उत्पादन की प्रक्रिया देखी गई।
इसके अलावा कृषि संग्रहालय, उत्पाद विक्रय केंद्र और आधुनिक मौसम वेधशाला का भी निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इन सुविधाओं से किसानों तक नई तकनीक तेजी से पहुंचाई जा रही है।
कृषि नवाचार में धान अनुसंधान बना विशेष आकर्षण
कृषि नवाचार के तहत डॉ. आर.एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला और बायोटेक पार्क का भी भ्रमण किया गया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि विश्वविद्यालय में धान की 23,250 पारंपरिक किस्मों का संरक्षण किया गया है।
इनमें कई किस्में पोषक और औषधीय गुणों से भरपूर हैं।
उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब में संजीवनी राइस, जिंको राइस और न्यूट्री रिच राइस पर चल रहे अनुसंधान की जानकारी भी दी। साथ ही अन्य फसलों की छह हजार से अधिक किस्मों के संरक्षण की जानकारी साझा की गई।
एक नजर में
- अनुसंधान प्रयोगशालाओं का निरीक्षण हुआ।
- बायोटेक पार्क का भ्रमण किया गया।
- धान की हजारों पारंपरिक किस्में संरक्षित हैं।
- टिश्यू कल्चर तकनीक की समीक्षा हुई।
- किसानों की आय बढ़ाने वाले नवाचारों पर चर्चा हुई।
अनुसंधान और किसानों पर रहेगा फोकस
बैठक में विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार सेवाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके अलावा किसानों के हित में चल रही योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कुल मिलाकर आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक शोध और नवाचार को कृषि विकास का मजबूत आधार बताया गया।
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