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महिला समूहों को मिला स्वरोजगार का अवसर

भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने अहम पहल की है। विश्वविद्यालय ने बीआईटी दुर्ग परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था।

कार्यक्रम में राज्यपाल और कुलाधिपति रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने 72 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट वितरित किए। इसके अलावा 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को इग्निशन ग्रांट दी गई।

राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा का लाभ समाज तक पहुंचना चाहिए। तकनीकी ज्ञान से रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा होने चाहिए। इसके अलावा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।

मिलेट से महिला उद्यमिता को नई दिशा

छत्तीसगढ़ में मोटे अनाज की पुरानी कृषि परंपरा रही है। अब यही मिलेट ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। इससे किसानों के साथ महिला समूहों को भी आय का अवसर मिल रहा है।

मिलेट से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए समूहों को केवल हेल्थ कार्ट नहीं दिए जाएंगे। उन्हें कारोबार संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।

मिलेट से महिला उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण

महिला समूहों को कई जरूरी विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • मिलेट आधारित उत्पाद तैयार करना।
  • एफएसएसएआई मानकों की जानकारी लेना।
  • उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना।
  • व्यवसाय प्रबंधन और मार्केटिंग सीखना।
  • आधुनिक तकनीक और ब्रांडिंग से जुड़ना।

राज्यपाल ने कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होती है, तो परिवार मजबूत होता है। इससे पूरे समुदाय में आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

24 स्टार्टअप्स को 50 लाख की ग्रांट

कार्यक्रम में युवाओं के नवाचार को भी प्रोत्साहन दिया गया। 24 नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट मिली।

राज्यपाल ने युवाओं से असफलताओं से सीखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करना सफल उद्यमी की पहचान है। वहीं, तकनीकी संस्थानों को नए विचारों को बाजार से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहिए।

CSVTU-फोर्टे को भी इस दिशा में महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इससे ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

महिला सशक्तिकरण के साथ बाजार पर जोर

सांसद विजय बघेल ने मिलेट को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत बताई। उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ महिला समूहों को जोड़ने पर जोर दिया।

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कार्यक्रम को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने युवाओं और महिला समूहों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने स्टार्टअप पहल को राज्य के विकास से जोड़ा। कार्यक्रम में महापौर अल्का बाघमार और सहकार भारती के कलीराम शर्मा ने भी विचार रखे।

एक नजर में

  • आयोजन स्थल: बीआईटी दुर्ग परिसर
  • आयोजक: सीएसवीटीयू भिलाई
  • मुख्य अतिथि: राज्यपाल रमेन डेका
  • मिलेट हेल्थ कार्ट: 72 महिला SHG
  • स्टार्टअप: 24 नवाचार आधारित इकाइयां
  • इग्निशन ग्रांट: 50 लाख रुपये
  • मुख्य उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता
  • विशेष फोकस: मिलेट, तकनीक, स्टार्टअप और स्वरोजगार

कुल मिलाकर, यह आयोजन महिलाओं और युवाओं को नए अवसरों से जोड़ने की पहल है। मिलेट से महिला उद्यमिता का मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है। साथ ही, स्टार्टअप सहायता से युवाओं के नवाचार को व्यावसायिक रूप देने में मदद मिलेगी।

मुख्य बातें

  • CSVTU ने बीआईटी दुर्ग में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
  • 72 महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट मिले।
  • 24 स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख रुपये की इग्निशन ग्रांट दी गई।
  • राज्यपाल रमेन डेका ने महिला स्वावलंबन पर जोर दिया।
  • महिला समूहों को कारोबार से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण भी मिलेगा।

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