बिलासपुर। अरपा सहित जिले की नदियों से रेत का अवैध उत्खनन लगातार जारी है। रेत माफिया मशीनों से भारी मात्रा में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कर रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए राजस्व और जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अनुविभागीय अधिकारी को इस पर रोक लगाने और कार्रवाई का निर्देश दिया है।

अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को पत्र लिखने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर मामले की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री से की गई। जिले के प्रभारी मंत्री ने एसडीएम को तलब कर सभी अवैध रेत घाट पर रेत उत्खनन को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है।

रोजाना 200 से 300 हाईवा रेत का परिवहन

शहर के तुरकाडीह, लोखड़ी और सेंदरी जैसे क्षेत्रों के घाटों से रोजाना 200 से 300 हाईवा रेत निकाली जाती है। इससे अरपा का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। मामले में कई बार मौखिक शिकायत की गई। ग्रामीणों ने भी कई बार विरोध किया, लेकिन अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

रेत माफिया के हौसले बुलंद

कार्रवाई नहीं होने से रेत माफिया के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे है। अवैध उत्खनन से अरपा में जगह-जगह 40 से 50 फिट मौत का कुंआ तैयार हो गया है। इसके चलते क्षेत्र की जनता में आक्रोश दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।

अवैध उत्खनन के खिलाफ लगी है याचिका

अरपा अर्पण महाभियान समिति ने छत्तीसगढ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने की मांग की है। याचिकाकर्ता समिति ने अरपा नदी से रेत उत्खनन पर रोक लगाने की मांग भी की है। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद राज्य शासन और पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कोर्ट के समक्ष जवाब पेश कर दिया है।