रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार शाम पद्मश्री डॉ. राधेश्याम बारले के अभिनंदन समारोह में पहुंचे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पंथी नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी है। चाहे पंथी हो या पंडवानी हो। छत्तीसगढ़ की सुंदर सांस्कृतिक परंपरा रही है और इस सांस्कृतिक परंपरा पर हमें गर्व है। बता दें हाल ही में डॉ. राधेश्याम बारले को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है।

इस मौके पर सीएम ने छत्तीसगढ़ के हर जिलों से आए सभी पंथी दल को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने पंथी दलों को कहा कि वह इसी तरह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को बनाकर रखें।

नृत्य देखकर उल्लासित हूं- सीएम

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि वे डॉक्टर बारले और उनके परिजनों समेत पंथी कलाकारों से मिलकर, उनके सुंदर पंथी नृत्य को देखकर बहुत उल्लासित हैं। सभी ने बहुत आकर्षक सुंदर पंथी नृत्य प्रस्तुत किया है। इस मौके पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से आई पंथी नृत्य की टोलियों ने बहुत सुंदर प्रदर्शन किया है। पंथी नृत्य की इस कला के लिए डॉक्टर बारले को पद्मश्री दिए जाने से पूरा छत्तीसगढ़ गौरान्वित हुआ है।