अमेजन में अब जल्द ही जेल में कैदियों द्वारा बनाई गई मूर्तियां और दीये बीकेंगे। अमेजन में मूर्तियों की बिक्री दिव्य केयर वेलनेस फाउंडेशन की पहल का एक हिस्सा है। ये फाउंडेशन पर्यावरण के अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहा है।

जेल से मिली जानकारी के मुताबिक इन महिलाओं के लिए बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे कि उनकी कमाई का पैसा सीधे उनके खाते में आ सके। जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी अब तक करीब 2000 मूर्तियां और दीये बना चुके हैं।

गोबर और मुल्तानी मिट्टी का इस्तमाल

अधिकारियों की मानें तो अमेजन से मिला ऑर्डर कैदी करीब 20 दिन में पूरा कर लेंगे। मुरादाबाद जिला जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि वर्तमान में, लगभग 20 महिला कैदी मूर्तियां और दीये बना रही हैं। लेकिन उनके बनाए हुए दीयों और मुर्तियों की प्रशंसा और भारी मांग को देखते हुए ऑर्डर को समय पर पूरा करने के लिए और ज्यादा महिला कैदियों को शामिल किया जाएगा। ये गाय के गोबर, मुल्तानी मिट्टी और कुछ अन्य सामग्रियों के मिश्रण से दिया बना रहे हैं।

सूरत में भारी डिमांड

जेलर ने बताया कि मिश्रण को सांचे में डाला जाता है और सूखने के लिए निकाल दिया जाता है। एक बार पूरी तरह से सूख जाने पर, मूर्तियों और दीयों को रंगा जाता है। उन्होंने बताया कि सूरत में इन मूर्तियों की अच्छी खासी डिमांड हो रही है। जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे उन्हें तैयार करने के लिए और कैदियों को शामिल किया जा रहा है। वर्तमान में, 130 महिला कैदी जेल में बंद हैं और ये 20 मूर्तियां तैयार करने का काम कर रहे हैं।