रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन के लिए प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई है। आज महंत घासीदास संग्रहालय में प्रदेश के सभी संभाग से आए दल द्वारा आदिवासी नर्तक दलों की प्रस्तुति दी गई। संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संभाग स्तर पर चयनित अलग-अलग विधाओं के कलाकारों का चयन किया जाएगा।

चयनित दलों को प्रदेश स्तरीय आयोजन में अपनी कला और संस्कृति की प्रस्तुति देने का मौका मिलेगा। आदिवासी नर्तक दलों की प्रस्तुति में गरियाबंद और धमतरी जिले के मांदरी नृत्य, भुजिया नृत्य, महासमुंद जिले के कर्मा नृत्य, भाटापारा-बलौदाबाजार जिले के सुआ नर्तक दल द्वारा प्रस्तुति दी गई।

दूसरे राज्यों से भी आएंगे अतिथि

संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के लिए देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केन्द्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल एवं प्रशासकों को समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आमंत्रण भेजा गया है।

आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी नर्तक दलों को भी इस आयोजन में शामिल होने का अनुरोध किया गया है। इस आयोजन को और भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए विदेशी कलाकारों को भी शामिल होने का न्योता भेजा गया है।