रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया छत्तीसगढ़ पहुंच गए हैं। इस दौरान एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल और केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये पर निशाना साधा है।

पुनिया ने कहा कि केंद्र ने कृषि कानूनों को वापस तो ले लिया है लेकिन उसका पार्लियामेंट से विधिवत अनुमोदन होना अभी बाकी है। इसी तरह किसान चाहते हैं कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल ड्रॉप किया जाए, उसको आगे ना बढ़ाया जाए। लेकिन सरकार जिद पर अड़ी है। सरकार की आदत हो गई है हर मामले को विवाद से आगे बढ़ाने की, लेकिन वह जनता के आगे, जनादेश के सामने मार खा जाते हैं।

वितरण कारोबार से लाइसेंसिंग होगी खत्म

बता दें कि मोदी सरकार जल्द ही इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल, 2021 को कैबिनेट में मंजूरी के लिए रखेगी। मोदी सरकार इस बिल को संसद के मानसून सत्र में पारित कराने की तैयारी में है। केंद्र सरकार के मुताबिक नए संशोधित कानून से उपभोक्ता बिजली का कनेक्शन ठीक उसी तरह बदल पाएंगे, जिस तरह मोबाइल कनेक्शन को पोर्ट करते हैं। लोकसभा से प्रसारित बुलेटिन के अनुसार नए संशोधित बिजली कानून के लागू होने से वितरण कारोबार से लाइसेंसिंग खत्म होगी और इसमें प्रतिस्पर्धा आएगी। इसके अलावा इस कानून के तहत बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण (एप्टेल) को मजबूत करने और नवीकरणीय खरीद प्रतिबद्धता (आरपीओ) को पूरा नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान भी होगा।