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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा यात्रियों से संवाद किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रतिभागियों से बातचीत की। पीएम ने सेवा को जीवन का मुख्य उद्देश्य बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि सेवा का संदेश काम के जरिए सामने आना चाहिए।

वडनगर से वाराणसी तक चल रही यात्रा 17 सितंबर को शुरू हुई। यह यात्रा 7 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इसमें युवा प्रतिभागी अलग-अलग इलाकों से गुजर रहे हैं। वे स्थानीय लोगों से संवाद भी कर रहे हैं।

सेवा संकल्प अभियान में पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने सेवा यात्रियों से बातचीत के दौरान सेवा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने प्रतिभागियों से अपना ध्यान रखने की अपील भी की।

पीएम मोदी ने कहा कि केवल उपदेश देना पर्याप्त नहीं है। सेवा की भावना काम के जरिए दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने व्यवहार में भी सेवा का भाव बनाए रखने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने ‘सेवा परमो धर्म’ का उल्लेख भी किया। इसका अर्थ सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानना है। उन्होंने कहा कि सेवा का रास्ता जीवन में मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए।

सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य क्या है?

सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़ा है। अभियान के तहत जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

इस पहल में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर है। यात्रा के प्रतिभागी कस्बों, जिलों, तहसीलों और गांवों से गुजर रहे हैं। इसका उद्देश्य सेवा गतिविधियों को स्थानीय स्तर तक पहुंचाना है।

वडनगर से वाराणसी तक कैसे चल रही यात्रा?

वडनगर गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी का गृह नगर है। वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। इन दोनों स्थानों को जोड़ते हुए सेवा यात्रा आयोजित की गई है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वडनगर और वाराणसी के बीच दस समूह मोटरसाइकिल यात्रा कर रहे हैं। यात्रा कई राज्यों, जिलों और गांवों से होकर गुजर रही है।

प्रतिभागी रास्ते में स्थानीय समुदायों से संपर्क कर रहे हैं। वे सेवा से जुड़ी गतिविधियों में भी हिस्सा ले रहे हैं।

यात्रा में कौन-कौन सी गतिविधियां हो रही हैं?

यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें स्वच्छता अभियान भी शामिल हैं।

प्रतिभागी स्थानीय लोगों और लाभार्थियों से संवाद कर रहे हैं। स्कूलों और अस्पतालों में भी सेवा गतिविधियां की जा रही हैं।

कुछ स्थानों पर पौधरोपण जैसी गतिविधियों का आयोजन हुआ है। इससे यात्रा को सामुदायिक भागीदारी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

युवाओं की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?

यात्रा में युवाओं की भागीदारी प्रमुख रूप से सामने आई है। युवा अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं।

इसके अलावा वे स्वच्छता और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। इससे यात्रा को स्थानीय समुदायों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

आधिकारिक जानकारी में सेवा, संवाद और युवा भागीदारी को यात्रा के प्रमुख पहलुओं में रखा गया है।

पीएम मोदी ने सेवा यात्रियों को क्या संदेश दिया?

प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों को सेवा की भावना बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऊंचे पद या बड़ी जिम्मेदारी के बावजूद सेवा का भाव कायम रहना चाहिए।

उन्होंने यात्रियों से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने को भी कहा। साथ ही लोगों के बीच अपने व्यवहार से सेवा की भावना दिखाने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री के अनुसार, सेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे व्यवहार और कार्यों के जरिए भी प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

यात्रा कब तक चलेगी?

सेवा यात्रा 17 सितंबर से शुरू हुई है। इसका कार्यक्रम 7 अक्टूबर तक निर्धारित है।

इस दौरान प्रतिभागी अलग-अलग राज्यों और जिलों से गुजरेंगे। गांवों और कस्बों में स्थानीय गतिविधियों के जरिए लोगों से संपर्क किया जाएगा।

व्यापक सेवा संकल्प अभियान के तहत अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़ा है।

यात्रा की प्रमुख गतिविधियां

  • अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान।
  • स्थानीय लोगों और लाभार्थियों से संवाद।
  • स्कूलों और अस्पतालों में सेवा गतिविधियां।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक संपर्क।
  • युवाओं की सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी।
  • कुछ स्थानों पर पौधरोपण और पर्यावरण गतिविधियां।

आगे क्या होगा?

  • यात्रा के निर्धारित चरण आगे बढ़ेंगे।
  • प्रतिभागी नए क्षेत्रों में पहुंचेंगे।
  • स्थानीय समुदायों से संवाद जारी रहेगा।
  • सेवा और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
  • 7 अक्टूबर तक यात्रा का निर्धारित कार्यक्रम चलेगा।

कुल मिलाकर, सेवा संकल्प अभियान में जनसेवा और युवा भागीदारी से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण सिद्धांत बताया है। वडनगर से वाराणसी तक चल रही यात्रा कई क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।

यात्रा के दौरान स्वच्छता, संवाद और सामुदायिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जुड़ी है।



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