भिलाई तीन में 3 करोड़ से अधिक की लगत से 800 मीटर लंबी और 80 फिट चौड़ी सड़क बनने की तैयारी चल रही है। लेकिन यहां के कुछ युवाओं ने पेड़ काटने का विरोध किया। उनका कहना है कि 20 साल पुराने पेड़ को काटकर सड़क बनवाने को वे लोग तैयार नहीं हैं। जिसके बाद भिलाई चरोदा के ईई सुनील जैन ने इस काम को अपने हाथ में लिया।

सुनील जैन ने पेड़ो की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण का फैसला लिया। जिसमें सभी ने सहमति दी। अब पेड़ो को जड़ समेत उखाड़कर दूसरी जगह शिफ्ट करने का काम किया जा रहा है।

बुजुर्ग व्यक्ति ने 20 साल पहले लगाया था पौधा

पदुमनगर, भिलाई तीन में भिलाई इस्पात सयंत्र से वीआर लेने के बाद होशराम वर्मा ने लोगों की रहत के लिए पौधरोपण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने घर घर से खराब कूलर और टायर खरीदा, ताकि पौधो को सुरक्षित रख सकें। उन्होने कई पौधे लगाए, उनकी देखभाल की, पौधो को पानी दिया। अब स्थानीय लोग चाहते है कि ये पेड़ सुरक्षित रहे। यह बात जब वन विभाग के अधिकारियों के सामने रखी गई तो उन्होंने ने भी इस बात का मान रखा।

पेड़ो को शिफ्ट करने की तैयारी

वानिकी व वन्य जीवन में मास्टर डिग्री हासिल करने वाले नेहा बंसोड़ की देखरेख में 40 पेड़ो को शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे पेड़ भी बचे रहे और सड़क निर्माण का काम भी पूरा हो जाएगा। पेड़ो को जड़ से उखाड़ने से पेहले उनके लिए दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। सड़क के किनारे पेड़ो को लगाया जा रहा है।

कोलकाता से बुलाई गई टीम

निगम इस काम को बेहतर तरीके से करने के लिए कोलकाता से विशेषज्ञ अर्नब मंडल को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी टीम ने कोलकाता के मेट्रो के लिए खली किए जा रहे पेड़ो को दूसरी जगह शिफ्ट किया था। इस तरह बिहार के मुजफरपुर में भी इस काम को अंजाम दिया गया था।