त्यौहारों और विशेष अवसरों पर परिजनों को उपहार देने के लिए वनोपज और उससे बनी मिठाईयां नए विकल्प के रूप में सामने आ रही हैं। कांकेर जिले की महिला स्व-सहायता समूह ने संजीवनी विक्रय केन्द्र के जरिए महुआ लड्डू के गिफ्ट पैक की बिक्री कर 6 लाख रूपये कमाए हैं।
स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार किए गए महुआ लड्डू, शहद, चिरौंजी, महुआ सैनिटाइजर, सर्व ज्वर हर चूर्ण, इमली कैंडी जैसे स्वास्थ्यवर्धक सामग्री और मिठाई के गिफ्ट पैक को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। वनोपज और वनौषधियों से तैयार उत्पाद का उपयोग इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है। पिछले दीपावली में कांकेर जिले के भानबेड़ा गांव के स्व सहायता समूह की महिलाओं ने 9 क्विंटल महुआ लड्डू तैयार कर 6 लाख रूपये का मुनाफा कमाया था।

ऑनलाइन उपलब्ध है सामान

राज्य के विभिन्न जिलों के महिला स्व-सहायता समूह द्वारा वनोपज और वनौषधियों से तैयार उत्पादों की महक देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच रही है। इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी बेचा जा रहा है। राज्य शासन भी सभी वनोपजों के प्रसंस्करण और वैल्यू एडीशन को लगातार बढ़ावा दे रही है। आदिवासी अंचल की महिलाओं को इन आर्थिक गतिविधियों में जहां रोजगार मिल रहा है, वहीं यह उनकी समृद्धि का नया आधार भी बना है।