रायपुर। वर्षों से औद्योगिक जमीन पर मकान बनाकर रह रहे लोगों को उक्त जमीन का मालिकाना हक देने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल के बाद राज्य शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। इससे अब छत्तीसगढ़ स्टेट इण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन (राज्य औद्योगिक विकास निगम) की रायपुर जिले के धरसींवा विकासखण्ड के रावांभाठा, सरोरा और बिरगांव स्थित 15.788 एकड़ भूमि पर नागरिकों को राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टे मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अब इससे कमजोर वर्ग के वर्षों का सपना साकार होने जा रहा है।
बता दें कि रोजी करके मुश्किल से घर चलाने वाले गरीबों के लिए जमीन खरीदना बहुत मुश्किल था। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से काबिज जमीन पर मालिकाना हक मिलने की जानकारी होने पर बिरगांव के वार्ड क्रमांक-24 की मनटोरा, रमा विश्वकर्मा, रूखमणी विश्वकर्मा, कृष्णा देवांगन और कला देवी तथा इसी प्रकार रावांभाठा की रमौतीन बाई, शुकवारो धृतलहरे, रमा और मंजू नारंग ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के हितों की सुरक्षा और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में कई योजनाएं लागू की हैं। अब सरकार हमारे खुद के घर के सपने को पूरा कर रही है।
उन्होंने कहा कि मन में हमेशा भय रहता था कि हम ना जानें कब यहां बनाए गए घर से बेघर हो जाएंगे। अब समाचार-पत्रों और टीवी न्यूज चौनलों के माध्यम से पता चला कि जमीन का पट्टा मिलने से हम जमीन के खुद मालिक हो जाएंगे। हम गरीबों के सपने को साकार करने वाली सरकार को हृदय से धन्यवाद देते हैं।
मुख्यमंत्री ने 7 मार्च को बिरगांव में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया था। इस दौरान बिरगांव, सरोरा और रावांभाटा से बड़ी संख्या में नागरिकों ने आकर उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं से अवगत कराया था और उनके सिर पर छत बनाने का निवेदन किया था। मुख्यमंत्री ने भी उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना था और उसी समय उनकी समस्याओं को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे।
मिली जानकारी के अनुसार रायपुर जिले के विकासखण्ड धरसींवा के ग्राम रावांभाटा, सरोरा और बिरगांव की 15.788 हेक्टेयर भूमि राजीव आश्रय योजना के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के माध्यम से कलेक्टर रायपुर को हस्तांतरित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है। हस्तांतरित की जाने वाली 15.788 हेक्टेयर भूमि में ग्राम रावाभाठा, पटवारी हल्का नम्बर-28 में 7.299 हेक्टेयर, सरोरा पटवारी हल्का नम्बर-29 में 6.883 हेक्टेयर और बीरगांव पटवारी हल्का नम्बर-88 में 1.606 हेक्टेयर भूमि शामिल हैं।
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