रायपुर। राजधानी में कोरोना मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से घोषित 50-50 हजार रुपये मुआवजा बंटना शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने पहले चरण में 99 आवेदन मंजूर किए गए हैं। जिसमें सभी के परिजन के बैंक खातों में 50-50 हजार रुपये जमा करवा दिए गए हैं। इस तरह, अभी 49.50 लाख रुपये बांटे गए हैं। यही नहीं, रायपुर कलेक्टर ने राजधानी और आउटर में हुई सभी 31 सौ से ज्यादा कोरोना से हुई मौतों का मुआवजा 31 अक्टूबर तक बांटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वजह से मुआवजे की प्रक्रिया सरल कर दी गई है।
रायपुर जिले में कोरोना मुआवजे के रूप में करीब 16 करोड़ रुपए बांटे जाने हैं। यह राशि मंजूर कर दी गई है। चूंकि मुआवजा इसी महीने के आखरी तक बांटा जाना है, इसलिए प्रक्रिया थोड़ी सरल कर दी गई है साथ ही तहसील से लेकर पटवारी तक पूरा एक सिस्टम इसी काम में लगा दिया गया है।
लोगों को सुविधा देने सरल की गई प्रक्रिया
अफसरों का कहना है कि जो तहसील दफ्तर नहीं जाना चाहते, वे इलाके के पटवारी के जरिए से ही अब प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऐसा इसलिए भी किया गया है ताकि परिजनों को मुआवजा राशि के लिए इधर-उधर भटकना ना पड़े। केवल कोविड डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए तहसील आफिस के कमरा नंबर 12 में सीधे संपर्क करना है। यहां जरूरी दस्तावेज दिखाने से तुरंत सर्टिफिकेट बन जाएगा।
तहसील दफ्तर में मिलेगा सर्टिफिकेट
कोरोना मृतक के परिजन को अब मुआवजे का आवेदन तहसील दफ्तर ही नहीं, पटवारी से भी मिल सकेगा। आवेदन के साथ मृतक के अस्पताल या इलाज संबंधी दस्तावेज, मृत्यु प्रमाण पत्र, आवेदक और मृतक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, सहमति पत्र और एफिडेविट देना होगा। पटवारी के पास भी इसके प्रपत्र हैं। ऐसे परिजन जिन्होंने डेथ सर्टिफिकेट के लिए आवेदन जमा किया है, तहसील दफ्तर में फार्म जमा कर सकते हैं।
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