रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के हजारों बुनकर परिवारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए स्कूली छात्रों के गणवेश वस्त्रों का क्रय छत्तीसगढ़ हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से करने को कहा है।
मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षण सत्र 2022-23 के लिए गणवेश वस्त्रों के क्रय के संबंध में छत्तीसगढ़ हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
गणवेश वस्त्र सिलाई में अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध
स्कूल शिक्षा विभाग के प्राथमिक-माध्यमिक विद्यार्थियों को निःशुल्क और हाई स्कूल-हायर सेकण्डरी स्कूलों में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों मात्र 10 रुपये में गणवेश वितरित किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य में 292 बुनकर समितियां कार्यरत हैं, जिनमें से 250 बुनकर समितियां हाथकरघा संघ में 59 प्रकार के शासकीय वस्त्रों के उत्पादन में संलग्न हैं।
राज्य सरकार द्वारा विगत तीन वर्षों से राज्य के बुनकरों के लिए लगातार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस दौरान राज्य में कार्यरत 651 महिला स्व-सहायता समूहों की 7812 महिलाओं को भी गणवेश वस्त्र सिलाई में अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया गया।
बुनकरों के बच्चों को प्रोत्साहित करने 36.19 लाख रुपये की छात्रवृत्ति
राज्य सरकार ने हाथकरघा बुनाई रोजगार को अपनाने के लिए इच्छुक 1346 हितग्राहियों को नवीन बुनाई प्रशिक्षण के लिए 4 करोड़ 52 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इसके साथ ही 3100 परंपरागत बुनकरों के कौशल प्रशिक्षण हेतु 5.50 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। साथ ही साथ हाथकरघा संघ द्वारा बुनकरों के बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं में 60 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण होने वाले 885 विद्यार्थियों को 36.19 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।
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