छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रुक नहीं रही है। पिछले 15 महीनों से स्कूल बंद थे, लेकिन उस दौरान भी ऑनलाइन क्लासेस के नाम पर प्राइवेट स्कूलों की मनमानी जारी थी।

इसके पहले भी सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइन के खिलाफ जाकर प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस के नाम पर पूरी फीस वसूलने का मामला सामने आ चुका है, वहीं अब जब 2 अगस्त से सरकार ने पूरे प्रदेश के स्कूलों को शुरू करने का फैसला लिया तो इसके बाद अब प्राइवेट स्कूलों द्वारा बसों का संचालन न करना एक बार फिर उनकी मनमाने रवैये को दर्शा रहा है।

छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने एक पत्र जारी कर स्कूलों द्वारा बस नहीं चलाने का फैसला लिया है। एसोसिएशन ने पत्र लिखकर टैक्स, परमिट और बीमा के राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सरकार ऐसा कोई फैसला नहीं लेती तब तक प्राइवेट स्कूलों से बस संचालित नहीं होंगी।

स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने पत्र में ये भी लिखा है कि पिछले 15 महीनों से स्कूल बंद हैं, इस दौरान किसी भी स्कूल ने बसों का संचालन नहीं किया है, इसलिए बसों पर लगने वाले रोड टैक्स को सरकार को माफ करना चाहिए।