• हम नक्सलियों के कोर सेक्टर में मौजूद हैं, जिससे उनके हौंसले पस्त
  • तीन वर्षों में नक्सल घटनाओं आई चालीस प्रतिशत की कमी

रायपुर। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अब नए नजरिए से देखा जा रहा है। नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति के तहत 1200 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। 3 वर्षों में नक्सल घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा नक्सली समस्या सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक समस्या है। अब हम नक्सलियों के कोर सेक्टर में मौजूद हैं जिससे उनके हौंसले पस्त हुए हैं। विकास की किरणें प्रत्येक जगह पहुंच रही हैं। पुलिस को लोग दुश्मन नहीं दोस्त मान रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ में किसान और जवान दोनों की जय-जय हो रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारियों के साथ नववर्ष मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस जवानों ने मुख्यमंत्री को सलामी दी। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी साथ में मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा, सुकमा का अधिकांश हिस्सा नक्सलियों से मुक्त हो चुका है। पुल बनने से लोगों का आवागमन भी शुरू हो गया है। वनवासी लोगों के लिए पुलिस डाक्टर, शिक्षक, मित्र जैसे भूमिका में दिखाई दे रही है। बिना खून बहाए नक्सलियों का सफाया हो, प्रदेश तरक्की करे यही हमारी सोच है। बाहर के लोग हमेशा नक्सली के बारे में बात करते थे लेकिन पिछले तीन साल में हमने ये छवि बदली है। सभी का विश्वास हमने जीता है। प्रदेश के बारे में चर्चा होती थी कि नक्सली दहशत से भरा है, यह सोच हमने बदली है। सभी का विश्वास जीता है, लोग अब नक्सली नहीं विकास की बात करते हैं। अब बस्तर के लोग विकास की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं कि हमारे यहाँ सड़के, अस्पताल, स्कूल, पीडीएस दुकान, ट्यूबवेल जैसी सुविधाएं पहुँच रहीं हैं।

कार्यक्रम में मौजूद जवान

छत्तीसगढ़ पुलिस ने आम लोगों का विश्वास हासिल किया

मुख्यमंत्री ने कहा, जवानों की ड्यूटी की वजह से हम चैन से सो पाते हैं। कोरोना काल में कर्तव्यों के निर्वहन में अधिकारियों ने पूरे देश में मिसाल कायम किया है इसके लिए पुलिस परिवार बधाई का पात्र है। आम लोगों का विश्वास छत्तीसगढ़ पुलिस ने हासिल किया है। पुलिस ने चुनौतियों का सामना किया और अपराधियों के मांद में घुसकर सफलता अर्जित की है। एनसीआरबी द्वारा देश में दूसरा स्थान मिला, इसलिए भी बधाई के पात्र हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हमने चुनोतियाँ को स्वीकार किया और सफलता भी प्राप्त किया। चाहे वह बिलासपुर अपहरण हो और भिलाई अपहरण की बात हो पुलिस ने उनके मांद में घुसकर सफलता अर्जित की कालीचरण की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ पुलिस बधाई की पात्र है।