भूपेन हजारिका, रायपुर सांस्कृतिक कार्यक्रम,

रायपुर के लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में मंगलवार को डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान महान कलाकार के संगीत और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण किया गया।

संगीत के जरिए समाज को जोड़ने का संदेश

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि डॉ. भूपेन हजारिका का संगीत मनोरंजन से कहीं आगे था। उनकी रचनाओं में समाज, संस्कृति, प्रकृति और मानवीय संवेदनाओं का समावेश रहा।

उन्होंने कहा कि डॉ. हजारिका ने अपने गीतों के जरिए देश की विविध संस्कृतियों को जोड़ने का प्रयास किया। उनकी रचनाएं सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करती हैं।

इसके अलावा, उनके गीतों में मानवीय मूल्यों और भाईचारे का संदेश भी मिलता है। यही कारण है कि उनकी संगीत विरासत आज भी लोगों के बीच प्रासंगिक है।

जन्मशताब्दी समारोह में जीवंत हुई जीवन यात्रा

सांस्कृतिक कार्यक्रम में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकारों ने विशेष नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। इसमें डॉ. भूपेन हजारिका के जीवन और रचनात्मक सफर को मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया।

नृत्य-नाटिका में उनकी कला यात्रा के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। वहीं, महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति, पंडरी के कलाकारों ने उनके लोकप्रिय गीतों की संगीतमय प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से महान संगीतकार को श्रद्धांजलि अर्पित की। दर्शकों के लिए यह आयोजन कला और संगीत की समृद्ध विरासत से जुड़ने का अवसर बना।

कलाकारों को किया गया सम्मानित

डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी पर आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों की प्रस्तुतियों की राज्यपाल रमेन डेका ने सराहना की। उन्होंने कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

डॉ. हजारिका संगीतकार होने के साथ गायक, गीतकार और फिल्मकार भी थे। भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनका योगदान व्यापक रहा है। उनकी रचनाओं ने सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक एकता को स्वर दिया।

कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रथम महिला रानी डेका काकोटी भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा विधायक पुरंदर मिश्रा और अनुज शर्मा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा मौजूद रहे। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना तथा संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

एक नजर में

  • स्थान: लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, रायपुर
  • आयोजन: सांस्कृतिक संध्या
  • अवसर: जन्मशताब्दी वर्ष
  • विशेष उपस्थिति: राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • प्रस्तुतियां: नृत्य-नाटिका और संगीतमय कार्यक्रम

कुल मिलाकर, डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम उनकी अमर कला विरासत को समर्पित रहा। गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को याद किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

  • लोक भवन में जन्मशताब्दी वर्ष के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के कलाकारों ने नृत्य-नाटिका पेश की।
  • प्रसिद्ध गीतों की भावपूर्ण संगीत प्रस्तुति दी गई।
  • राज्यपाल ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।


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