बच्चों की नींद जरूरत सोता हुआ बच्चा

ज्यादातर माता-पिता को लगता है कि उनका बच्चा पर्याप्त नींद ले रहा है, लेकिन बच्चों की नींद जरूरत पर हुई एक नई स्टडी ने चौंकाने वाला सच सामने रखा है. नेशनल स्लीप फाउंडेशन के हालिया सर्वे के मुताबिक 83% माता-पिता का मानना था कि उनका बच्चा पूरी नींद ले रहा है, जबकि असल में सिर्फ 14% बच्चे ही उम्र के हिसाब से तय की गई सही नींद पूरी कर रहे थे. यह फासला डॉक्टरों और पेरेंटिंग एक्सपर्ट्स दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.

बच्चों की नींद जरूरत उम्र के हिसाब से कितनी होनी चाहिए

नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार नवजात बच्चों को 14 से 17 घंटे, शिशुओं को 12 से 15 घंटे और टॉडलर्स को 11 से 14 घंटे नींद की जरूरत होती है. प्रीस्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह आंकड़ा 10 से 13 घंटे है, जबकि स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना 9 से 11 घंटे सोना चाहिए.

स्टडी में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

  • 6 से 12 साल के बच्चों को रोजाना 9 से 12 घंटे नींद चाहिए, लेकिन स्टडी में शामिल बच्चे औसतन सिर्फ 8 घंटे ही सो रहे थे
  • 57% माता-पिता ने अपने बच्चे की नींद की जरूरत का अंदाजा असल सिफारिश से कम लगाया
  • हर उम्र वर्ग में माता-पिता का अनुमान नेशनल स्लीप फाउंडेशन की सिफारिश से कम पाया गया
  • करीब 86% बच्चों का बेडटाइम रूटीन नियमित पाया गया, लेकिन फिर भी 8% बच्चे रोजाना थकान की शिकायत करते हैं

नींद की कमी का बच्चों पर क्या असर पड़ता है

पर्याप्त नींद न मिलने से बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता, भावनात्मक नियंत्रण और व्यवहार तीनों प्रभावित हो सकते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार अच्छी नींद का सीधा संबंध बेहतर याददाश्त और स्कूल में परफॉर्मेंस से भी पाया गया है. लगातार नींद की कमी बच्चों में चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी बढ़ा सकती है.

माता-पिता क्या कर सकते हैं

बच्चों के लिए एक तय बेडटाइम रूटीन बनाना सबसे असरदार तरीका माना जाता है. सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन का इस्तेमाल बंद करना, कमरे में हल्की रोशनी रखना और रोजाना एक ही समय पर सुलाना नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है. बच्चे की उम्र के हिसाब से सही घंटों की जानकारी रखना पहला और सबसे जरूरी कदम है.

अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, यह मेडिकल सलाह नहीं है. बच्चे की नींद से जुड़ी किसी भी चिंता के लिए बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें.

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