छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव तथा राहत आयुक्त सुश्री रीता शांडिल्य ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पत्र प्रेषित किया है। उन्होंने पत्र में कोविड-19 से जिलों में मृत व्यक्तियों के परिजनों, आश्रितों को अनुदान सहायता देने के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के 30 जून 2021 के निर्णय अनुसार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों के अनुसार शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं।

कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 एक अभूतपूर्व आपदा है. पिछले डेढ वर्षों से वायरस के नए वेरिएंट के प्रभाव से मृतकों की संख्या में वृद्धि जारी है। यह महत्वपूर्ण है कि राज्य में विशिष्ट आपदाओं के लिए समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए राज्य आपदा मोचन निधि के तहत पर्याप्त निधि उपलब्ध हो। यद्यपि कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के परिजनों को अनुदान सहायता राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में निहित प्रावधान के अनुसार प्रदान नहीं की जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कोविड-19 से मृत प्रति व्यक्ति के लिए 50,000 रुपये निर्धारित किया गया है। जो अनुदान सहायता राशि राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत प्रदान की जाएगी।

13 हजार से ज्यादा मौत दर्ज

स्वास्थ्य सेवाएं छत्तीसगढ़ के संचालक से मिली जानकारी के मुताबिक कोविड-19 से 22 सितंबर 2021 तक प्रदेश में कुल 13 हजार 563 लोगों की मौत दर्ज की गई है। संबंधित परिवार निर्धारित आवेदन पत्र के जरिए अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि आवेदक के पास सीडीएसी द्वारा जारी कोविड-19 से मृत्यु के संबंधित आधिकारिक प्रमाण-पत्र होना चाहिए।

आदेश की कॉपी


30 दिनों में पूरी होनी चाहिए प्रक्रिया

अनुदान सहायता देने की प्रक्रिया सरल तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने के 30 दिनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए। कलेक्टरों से कहा गया है कि अपने जिले में इसका प्रचार-प्रसार के जरिए नागरिकों को इस सहायता के बारे में जागरूक करें। साथ ही दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। यह उपयुक्त होगा कि हर तहसील कार्यालय और जिला कार्यालय में कार्यालयीन समय, सहित नगर निगम क्षेत्र के जोन मुख्यालय में भी आवेदन प्राप्त करने के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर करेंगे सत्यापन


प्राप्त सभी आवेदनों को कलेक्टर स्वयं की निगरानी में जांच एवं सत्यापन करना सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड-19 से मृत व्यक्तियों से प्राप्त आवेदन पत्र के आधार पर मृत व्यक्तियों के परिजनों को अनुदान सहायता उपलब्ध कराने की कार्यवाही करें और आबंटन के लिए मांग पत्र राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को जल्द भेजें।