रायपुर। छत्तीसगढ़ में गांधी जयंती के मौके पर आज ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब हर जिले के हर ब्लॉक में सरकारी/प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का सम्मान किया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों में पूरे प्रदेश में 17 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें से हर ब्लॉक में पढ़ाई-लिखाई, गणित-विज्ञान स्किल तथा अनुशासन वगैरह के मापदंडों के आधार पर 4-4 बच्चों का चयन किया जाएगा।
इस चयन में हर स्कूल के शिक्षकों के साथ पालक विकास समिति की सहमति भी होगी। शिक्षा विभाग यह पहल इसलिए कर रहा है ताकि बच्चों को पढ़ाई व स्कूल से जोड़ा रखा जाए, साथ ही अभिभावक भी बच्चों को बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहें। इसके बाद नवंबर में सरकारी मिडिल स्कूलों और दिसंबर में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों के छात्रों का कौशल के आधार पर चयन होगा और सम्मान किया जाएगा। गांधी जयंती पर हमेशा छुट्टी दी जाती है, लेकिन ऐसा पहली बार होगा जब छुट्टी के बजाय इस दिन सरकारी/प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को सम्मानित करने के लिए जिलों में यह कार्यक्रम होंगे।
पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 का पहला चरण
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि पढ़ई तुंहर दुआर 2.0 के पहले चरण में प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पढ़ने-लिखने व स्कूल आने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए ही यह सम्मान कार्यक्रम गांधी जयंती के दिन किया जा रहा है। हर ब्लॉक में 4-4 बच्चों का चयन करने के लिए संकुल स्तर व ब्लॉक स्तर पर पढ़ाई में प्रदर्शन, लेखन, गणितीय समझ, किताब या सामग्री लेखन और विज्ञान से जुड़े कार्यों को निर्धारित मापदंडों में शामिल किया गया। पहले ऐसे बच्चों के नाम स्कूल स्तर पर छांटे गए हैं, फिर संकुल और ब्लॉक स्तर पर चयन किया जा रहा है। चयनित बच्चों के लिए हर जिले में आज कार्यक्रम रखे गए हैं। इनमें संबंधित जिलों के विधायक जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध वर्ग और अभिभावक उपस्थित रहेंगे। अफसरों ने बताया कि स्कूल व संकुल स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है।
अगले महीने मीडिल और हाईस्कूल की बारी
यह पहल समग्र शिक्षा अभियान के तहत है। अफसरों ने बताया कि बच्चों के कौशल की जांच शिक्षकों के साथ पालक समिति के सदस्यों ने ही की है। पालकों को चयन में इसलिए शामिल किया गया, ताकि उन्हें पता चले कि किस तरह के बच्चे चुने जा रहे हैं और उसकी तुलना में उनके बच्चे कहां हैं? इसके बाद नवंबर में सभी सरकारी स्कूल के छात्रों को मिलाकर अलग-अलग स्किल के आधार उन्हें चयनित कर सम्मानित किया जाएगा। 20 दिसंबर को हाईस्कूल-हायर सेकंडरी स्कूल के छात्र ब्लॉक स्तर पर और 31 दिसंबर को जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में सम्मानित होंगे।
बिलासपुर और बलौदाबाजार जिले में सर्वाधिक बच्चे
जानकारी के मुताबिक सरकारी/प्राइमरी स्कूलों में सबसे ज्यादा 1 लाख 39 हजार 125 बच्चे बिलासपुर जिले में हैं। इसके बाद बलौदाबाजार में प्राइमरी के 1 लाख 11 हजार 435 छात्र, राजनांदगांव में 1 लाख 09 हजार 203, जांजगीर-चांपा में 99 हजार 406, रायपुर में 92 हजार 052, रायगढ़ में 83 हजार 468, कवर्धा में 73 हजार 567, कोरबा में 73 हजार 425, महासमुंद में 71 हजार 264 और बेमेतरा में 70 हजार 940 छात्र हैं। प्रदेश में इस सत्र में कुल 17 लाख 27 हजार 852 प्राइमरी के छात्र-छात्राएं हैं। सबसे ज्यादा 1 हजार 966 प्राइमरी स्कूल रायगढ़ जिले में हैं। राजनांदगांव में 1 हजार 837 प्राइमरी स्कूल, जशपुर में 1 हजार 641, कांकेर में 1 हजार 583, जांजगीर-चांपा में 1 हजार 527, बस्तर में 1 हजार 519, कोरबा में 1 हजार 464 और रायपुर में 757 प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं।
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