रायपुर। राम वन गमन पथ अंतर्गत आने वाले चंद्रखुरी स्यित कौशल्य माता मंदिर के जीर्णोद्धार और परिसर का सौंदर्यीकरण अंतिम छोर पर है। नवरात्रि के पहले दिन यानी आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर्यटन परिपथ का शुभारंभ करेंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। आयोजन स्थल को लेकर मंगलवार को अहम बदलाव किये गए हैं। पहले 3 दिवसीय सभी आयोजन मंदिर परिसर में ही होने थे, लेकिन आज के आयोजन को पुलिस अकादमी चंद्रखुरी में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। क्योंकि मंदिर परिसर में जगह कम है। पार्किंग की जगह भी छोटी है।

मुख्यमंत्री पुलिस अकादमी से पर्यटन परिपथ का करेंगे शुभारंभ

तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू चंद्रखुरी पहुंचे। उन्होंने इस दौरान अधिकारियों को 6 अक्टूबर की शाम तक सभी कार्य पूरा कर लेने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि परिपथ के तहत प्रमुख रूप से सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा, जगदलपुर और रामाराम को विकसित किया जा रहा है।

वनवास से जुड़े स्थान का कायाकल्प

पर्यटन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप भगवान राम के वनवास काल से जुड़े छत्तीसगढ़ स्थित, स्थलों को परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस मौके पर पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., प्रबंध संचालक यशवंत कुमार, रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल और पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

विश्व का एकमात्र कौशल्य मंदिर

चंदखुरी में आकर्षण के कई प्रमुख केंद्र हैं। जिसमें विश्व का एकमात्र कौशल्य मंदिर, भगवान राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा, तालाब के बीच में मंदिर और तालाबों में समुद्र मंथन और भगवान विष्णु की शेष नाग पर विराजित आकृति।