मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 और 22 अक्टूबर को आईजी-एसपी और कलेक्टर्स की बैठक लेंगे। इस दौरान वे अधिकारियों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। रायपुर के न्यू सर्किट हाउस ऑडिटोरियम में यह मैराथन बैठक सुबह 10 बजे से शुरू होगी। मुख्यमंत्री की इस क्लास में पुलिस अफसरों और कलेक्टरों ने प्रशासन के हर अध्याय से सवाल होंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने समीक्षा के जो बिंदु तय किए हैं उनमें, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत मिले आवेदनों का निपटारा, राजस्व विभाग के तहत नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा के प्रकरणों का निपटारा और खरीफ 2021 के अंतर्गत गिरदावरी कार्य की प्रगति शामिल है। इन बिंदुओं में नजूल भूमि के व्यवस्थापन, आवंटन, नजूल एवं आबादी भूमि फ्री होल्ड की स्थिति, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में अब तक पंजीकृत मजदूरों की स्थिति की समीक्षा को भी शामिल किया गया है।
योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टरों से स्वामी आत्मानंद स्कूलों के संचालन, इस योजना के अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति, अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति, आईटीआई हायर सेकेंडरी स्कूल में स्किल डेवलपमेंट योजना की प्रगति की रिपोर्ट भी पूछी जाएगी। इसके साथ ही गौठानों के निर्माण, गौठानों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क और चारागाह निर्माण की प्रगति, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत क्रय किए गए गोबर, निर्मित खाद, खाद के विक्रय, गौठानों को मल्टी एक्टीविटी सेंटर के रूप में विकसित करने के कार्य पर भी सवाल होंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस दौरान राजीव गांधी किसान न्याय योजना, नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी योजना की समीक्षा भी करेंगे।
धान खरीदी की तैयारियों पर होगा फोकस
इस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की रिपोर्ट लेंगे। जल जीवन मिशन की प्रगति, कोरोना की संभावित लहर से निपटने की तैयारियों, हाट बाजार क्लिनिक योजना, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सस्ती दवा योजना की भी समीक्षा होगी। मुख्यमंत्री इस दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत भूमि की उपलब्धता और बंटन की स्थिति, सुपोषण अभियान, आश्रम-छात्रावासों के उन्नयन की स्थिति, चिटफंड घोटाले के पीड़ितों को राशि वापसी की स्थिति की समीक्षा भी करेंगे।
कवर्धा हिंसा मामले पर हो सकता है एक्शन
आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस और कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के दौरान भी कवर्धा हिंसा की समीक्षा की जाएगी। इस मामले में एक्शन भी हो सकता है। सरकार ने शुरुआती तौर पर प्रशासन की नाकामी स्वीकार ली है। शांति व्यवस्था को प्राथमिकता देने के क्रम में अभी तक प्रशासनिक अधिकारियों पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है।
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