रायपुर। राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर को राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश और विदेश के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में 7 देशों के नर्तक दल सहित देश के 27 राज्यों और 6 केन्द्र शासित प्रदेशों के 59 आदिवासी नर्तक दल शामिल हो रहे हैं। इन नर्तक दलों में लगभग 1000 कलाकार शामिल होंगे, जिनमें 63 विदेशी कलाकार होंगे। इसकी तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समीक्षा की।

सीएम ने आयोजन स्थल पर की जा रही तैयारियों, देश और विदेशों के अन्य राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से आने वाले आदिवासी नृत्य दलों तथा अतिथियों के रुकने की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, पांच दिनों तक आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रुपरेखा को अंतिम रूप दिया।


कार्यक्रम के तहत 31 अक्टूबर को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. इंदिरा गांधी और पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इंदिरा गांधी पर बनाई गई डॉक्यूमेंटरी फिल्म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही भजन संध्या भी आयोजित की जाएगी। इसके बाद 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को 33 अलंकरण सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

नर्तक दलों को 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि

उद्घाटन समारोह में युगाण्डा, फिलीस्तीन, सिक्किम, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी जाएगी। इस महोत्सव में शामिल होने के लिए नाइजीरिया का दल नई दिल्ली पहुंच चुका है। यह दल आज रायपुर पहुंचेगा। नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से नर्तक दल 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर के लिए रवाना होंगे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में प्रत्येक राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश के नर्तक दल दो विधाओं- विवाह संस्कार और अपने राज्य की अन्य पारंपरिक विधाओं में अपनी प्रस्तुति देंगे। दोनों विधाओं में प्रथम तीन स्थान पर रहने वाले नर्तक दलों को कुल 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी दी जाएगी। प्रत्येक विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल को 5 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले दल को 3 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले दल को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा।

आयोजन को मिली लोकप्रियता

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का ये दूसरा आयोजन है। देश-विदेश में इस आयोजन को काफी लोकप्रियता मिली है। इस साल आयोजित हो रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में श्रीलंका, उज्बेकिस्तान, स्वाजीलैण्ड, नाइजीरिया, पेलेस्टीन, माले और युगांडा के नर्तक दल हिस्सा लेंगे। मोरक्को के दल की भी इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है।