वाणिज्य कर विभाग ने मुख्यमंत्री के सामने कटौती का प्रस्ताव रखा

रायपुर। वाणिज्यिक कर मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, विभाग जल्दी ही एक प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से डीजल-पेट्रोल पर लगने वाले वैट की दरों में कमी के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार भी वैट की दरों में कमी कर सकती है। वाणिज्यिक कर विभाग एक-दो दिन में इसका प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने रखेगा। इस प्रस्ताव में पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को भी ध्यान में रखा जाएगा। छत्तीसगढ़़ में पड़ोसी राज्यों के मुकाबले पेट्रोल-डीजल की दरें कम हैं।

छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर मंत्री टीएस सिंहदेव ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ चारों तरफ से दूसरे राज्यों से घिरा हुआ है। ऐसे में वहां की कीमतों को भी ध्यान में रखना होगा। इनका विवरण मांगा गया है। अगर हम पड़ोसी राज्यों से ज्यादा दाम रखते हैं तो लोग वहां दूसरे राज्यों में तेल भरा कर आते हैं, इससे वैट का भी नुकसान होता है। अगर पड़ोसियों की अपेक्षा कम कर देते हैं तो हो सकता है वॉल्यूम हमें ज्यादा मिलेगा। नए प्रस्ताव में इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

तो पेट्रोल 50 से 60 रुपये में मिलेगा- मुख्यमंत्री

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, यूपीए सरकार के समय टैक्स नौ रुपए के आसपास था। आज टैक्स 27 से 32 रुपए तक बढ़ गया है। भाजपा व रमन सरकार ने जितना वैट तय किया था, हमने तीन साल में उसमें एक रुपए नहीं बढ़ाया है। यूपीए सरकार के समय जितना टैक्स था, उसी स्तर पर ले आएं तो पेट्रोल 50 से 60 रुपए में मिलेगा। केंद्र सरकार ने यदि टैक्स कम किया, तो राज्य सरकार के टैक्स में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, पेट्रोल-डीजल के दाम कम होना चाहिए। कांग्रेस शुरू से यह मांग कर रही है।

सरकार कर रही अध्ययन

मंत्री सिंहदेव ने बताया, विभाग पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र की दरों का अध्ययन कर रहा है। सिंहदेव के समक्ष भी तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया जा चुका है। सभी पहलूओं पर अध्ययन जारी है। डीजल-पेट्रोल पर 1-2 रुपए अतिरिक्त सेस लगता है। जिस दिन केंद्र सरकार ने वैट की दरों में कटौती की घोषणा की थी, उसी दिन से संभावना तलाशी जा रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनसे इस मामले में पूछा था। उन्होंने कहा था, विभाग की ओर से एक प्रस्ताव बनाकर आपको पेश किया जाएगा।
पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें

राज्य- जिला- पेट्रोल- अंतर रायपुर की तुलना में-

  • महाराष्ट्र- गोंदिया- 111.14- 9.26 रुपये अधिक
  • भंडारा- 110.56- 8.68 रुपये अधिक
  • मध्यप्रदेश- बालाघाट- 110.35- 8.47 रुपये अधिक
  • शहडोल- 110.16- 8.28 रुपये अधिक
  • मंडला- 108.37- 6.49 रुपये अधिक
  • उत्तर प्रदेश- सोनभ्रद- 95.73- 6.15 रुपये कम
  • झारखंड- गुमला- 99.97- 1.91 रुपये कम
  • सिगडेगा- 99.82- 2.06 रुपये कम
  • ओडिशा- नुआपाड़ा- 108.51- 6.63 रुपये अधिक
  • बरगढ़- 106.78- 4.29 रुपये अधिक
  • तेलंगाना- भद्राद्री कोथागुडेम- 108.96- 7.08 रुपये अधिक

राज्यों की आमदनी पर दबाव बढ़ा

पेट्रोल-डीजल से सेंट्रल एक्साइज कम होने से राज्य की आमदनी भी कम हो गई है। सेंट्रल एक्साइज का 42 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को आता है। केंद्र सरकार ने इसके अलावा कई तरह के सेस लगा रखे हैं। जिसका हिस्सा राज्यों को नहीं मिलता। अब केंद्र ने राहत के नाम पर अपना हिस्सा नहीं घटाया। वह हिस्सा कम किया, जिससे राज्यों की आमदनी प्रभावित हो।

22 प्रदेशों में घटाई गई वैट की दरें

केंद्र सरकार ने 3 नवम्बर को सेंट्रल एक्साइज में 5 रुपए और 10 रुपए कटौती की घोषणा की थी। दिवाली से नई दरें लागू हुईं। तब से अब तक 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वैट की दरों में भी कटौती की है। ऐसे प्रदेशों में कर्नाटक, पुडुचेरी, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, असम, सिक्किम, बिहार, मध्यप्रदेश, गोवा, गुजरात, दादरा और नागर हवेली, दमन और दीव, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और लद्दाख शामिल हैं।

रायपुर में 5.82 रुपये कम हुई हैं पेट्रोल की दरें

केंद्र सरकार की ओर से सेंट्रल एक्साइज कम करने के बाद छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को भी राहत मिला है। गुरुवार को रायपुर में पेट्रोल की कीमत 101.91 रुपए प्रति लीटर हो गया। बुधवार को इसकी दर 107.73 रुपए प्रति लीटर थी। शनिवार को भी पेट्रोल के दाम 101.91 पर ही स्थिर बने रहे। वहीं डीजल की कीमत 93.80 रुपए प्रति लीटर है। दाम कम होने से पहले इसकी कीमत 106.38 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया था।